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मानसून सत्र में सरकार नहीं लाएगी अनुपूरक बजट, राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा फैसला


राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा फैसला, पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था का दिया हवाला

रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इस बार सरकार एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट पेश नहीं करेगी। विधानसभा सचिवालय को इस आशय की औपचारिक सूचना दे दी गई है। यह निर्णय संभवतः राज्य गठन (2000) के बाद पहली बार लिया गया है।

वित्त विभाग से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सरकार के पास अगले तीन माह के आवश्यक व्यय के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं। यही वजह है कि वर्तमान बजट प्रावधानों से ही खर्चों का वहन किया जाएगा और अनुपूरक बजट की जरूरत महसूस नहीं की गई।

गौरतलब है कि मार्च 2025 में राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹1,65,000 करोड़ का बजट पारित किया था, जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक बजट माना जा रहा है।

विपक्ष उठा सकता है सवाल

हालांकि सरकार इसे वित्तीय अनुशासन और सुव्यवस्थित बजट प्रबंधन का संकेत मान रही है, लेकिन माना जा रहा है कि विपक्ष इस निर्णय को लेकर सदन में सवाल उठा सकता है। प्रमुख योजनाओं की प्रगति, खर्च की प्राथमिकताएं और विभागवार आवंटन की स्थिति को लेकर चर्चा संभव है।

सत्र रहेगा गरम, कई मुद्दों पर घेराव की तैयारी

मानसून सत्र के दौरान बिजली बिलों में बढ़ोतरी, बेरोजगारी, विभागीय घोटाले और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में पूरे सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।


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