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राजस्व निरीक्षक परीक्षा घोटाला गूंजा विधानसभा में, विपक्ष का वॉकआउट


टंकाराम वर्मा बोले – अनियमितता की जांच EOW कर रही, दोषी नहीं बख्शे जाएंगे

रायपुर, 14 जुलाई।
राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता का मामला सोमवार को विधानसभा में गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत ने परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया और सवाल किया कि जांच अब तक कहां पहुंची? दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? परीक्षा में कितने परीक्षार्थी शामिल हुए थे?

राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा ने जवाब में कहा कि परीक्षा पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आयोजित की गई थी। रिजल्ट के बाद शिकायतें मिलने पर पांच सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई गई, जिसमें अनियमितता पाई गई। “भाई-भाई एक साथ बैठे थे, ये भी सामने आया। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने गृह विभाग को जांच के लिए लिखा। गृह विभाग ने माना कि संबंधित विभाग ही सक्षम है। इसके बाद प्रकरण की जांच EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) को सौंपी गई है।”

मूणत ने आरोप लगाया कि “मंत्री के पदभार ग्रहण के महज 9 दिन बाद परीक्षा ले ली गई। रिश्तेदारों को पास कराने का पूरा तंत्र बना था। जब जांच समिति ने स्पष्ट कहा कि गड़बड़ी हुई है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”

इस पर मंत्री वर्मा ने कहा, “जांच समिति ने माना कि दस्तावेज प्रमाण के दायरे में नहीं आते, लेकिन गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। कॉल डिटेल सहित अन्य तथ्य EOW खंगाल रही है। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।”

विपक्ष ने सरकार पर “दोषियों को बचाने” का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा सवाल दागा – “क्या इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाएगी?”
जवाब में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार करते हुए पूछा – “क्या आपको सीबीआई पर भरोसा है?”

इसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि खुद की परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने पर भी जांच को दबाया जा रहा है। विरोध जताते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।


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