रायपुर, 20 जुलाई |
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की हिरासत में लिए गए अपने बेटे चैतन्य बघेल से आधे घंटे की मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान बहू और बेटी भी मौजूद थीं। चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद यह पहला मौका था जब परिवार को उससे मिलने की अनुमति मिली।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भूपेश बघेल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा –
“मैंने चैतन्य से कहा कि अगर आज तुम्हारे दादा जिंदा होते, तो वो बहुत गर्व करते। उन्होंने पूरी जिंदगी अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। तुम भी उसी रास्ते पर हो। हम सब तुम्हारे साथ हैं।”
भूपेश बघेल ने यह भी बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही सबसे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी का फोन आया। इसके बाद प्रियंका गांधी ने भी बात की और पूरा समर्थन जताया।
उन्होंने कहा –
“कांग्रेस इस लड़ाई में पूरी ताकत से हमारे साथ खड़ी है। आज रात दिल्ली रवाना हो रहा हूं, जहां पहले से कार्यक्रम तय है। 22 जुलाई को होने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन में भी शामिल रहूंगा।”
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार और ईडी पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगा रही है। पार्टी ने 22 जुलाई को प्रदेशभर में आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम की घोषणा की है।
