रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में बेहद महत्वपूर्ण — गाडगे सम्मेलन में साय का संबोधन
रायपुर, 20 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में राज्य की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है और उसके प्रत्येक बिंदु को ज़मीनी हकीकत में बदलने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।
बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय रजक युवा गाडगे सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर सम्मेलन की शुरुआत की। इस अवसर पर रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों को सम्मानित किया गया।
साय ने कहा कि रजक समाज की उपस्थिति छत्तीसगढ़ के हर गांव में है और इनकी सहभागिता के बिना शादी-विवाह, छठ्ठी जैसी परंपराएं अधूरी रहती हैं। पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से समाज को सस्ती दर पर ऋण सुविधाएं मिलेंगी।
सरकार की योजनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। तेन्दूपत्ता की खरीदी दर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तय की गई है।
नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इसमें महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति और दिव्यांगजनों को उद्योग स्थापना के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले 6 से 8 महीनों में 6.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। डेढ़ साल में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियों के अवसर दिए गए हैं और 5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू होगी।
संबोधन के दौरान साय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिला। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में राज्य ने भुखमरी से मुक्ति पाई और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ।
सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन लोकगायिका रजनी रजक ने किया। इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
