रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक सर्जरी करते हुए कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है। हाल ही में जारी आदेश में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) की प्रबंध संचालक (MD) को छुट्टी पर भेज दिया गया है, वहीं कई वरिष्ठ अधिकारियों को नए विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
CGMSC की MD छुट्टी पर, संचालन में अस्थायी बदलाव
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, CGMSC की प्रबंध संचालक को अचानक अवकाश पर भेजा गया है। यह फैसला उस समय आया है जब विभाग विभिन्न मेडिकल टेंडर और आपूर्ति से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण लगातार निगरानी में रहा है। MD के छुट्टी पर जाने के बाद निगम के संचालन में अस्थायी प्रभार सौंपा गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि लंबित है।
रीना बाबा कंगाले को राजस्व और खाद्य विभाग की जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने वर्ष 2009 बैच की IAS अधिकारी रीना बाबा कंगाले को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
रीना इससे पहले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर थीं, और अब प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
रवि मित्तल को मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी
वहीं 2016 बैच के IAS अधिकारी रवि मित्तल को मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी अहम जिम्मेदारी मिली है। उन्हें जनसंपर्क विभाग का आयुक्त, साथ ही ‘संवाद’ परियोजना और चिराग योजना के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह दोनों योजनाएं राज्य सरकार की छवि और ग्रामीण विकास से जुड़ी मानी जाती हैं।
रवि मित्तल वर्तमान में मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यरत हैं और अब उनका दायरा और प्रभाव बढ़ गया है।
अन्य अधिकारियों के भी बदले गए प्रभार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस फेरबदल में अन्य कई अफसरों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इनमें मुख्य रूप से वित्त, सामान्य प्रशासन और योजना विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इससे पहले भी राज्य सरकार ने जून और जुलाई महीने में दो चरणों में बड़े पैमाने पर तबादले किए थे।
सरकार की छवि और दक्षता पर फोकस
छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की प्रशासनिक सर्जरी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार अब प्रशासनिक दक्षता, नीतिगत क्रियान्वयन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर गंभीर रुख अपनाए हुए है। खासकर CGMSC जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में नेतृत्व परिवर्तन सरकार की संवेदनशीलता का संकेत देता है।
