रायपुर।
छत्तीसगढ़ बीजेपी ने आखिरकार अपनी नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। लिस्ट में इतने नए चेहरे हैं कि पुराने चेहरों को ढूंढने के लिए जैसे माइक्रोस्कोप लगाना पड़े। सातों मोर्चों के अध्यक्ष बदल दिए गए हैं। महिला मोर्चा की कमान अब विभा अवस्थी के हाथ में, ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी अशोक साहू के पास और युवा मोर्चा अध्यक्ष बने राहुल टिकरिया।
पार्टी की नई ‘ड्रीम टीम’ में 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 7 मंत्री, 13 प्रवक्ता और एक-एक कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री और सह-कार्यालय मंत्री हैं। कोष का जिम्मा राम गर्ग को सौंपा गया है, जबकि पार्टी की जुबान बनेंगे संतोष पांडे बतौर मुख्य प्रवक्ता।
लेकिन राजनीति में मिठाई के साथ मिर्ची भी मिलती है—नई टीम बनते ही कांग्रेस ने बीजेपी में ‘गुटबाजी’ का राग छेड़ दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष रवि भगत को हटाए जाने पर तीखा वार किया—कहा कि अडानी से जुड़े भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने का नतीजा नोटिस और पद से छुट्टी के रूप में मिला। कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू बोले—“डेढ़ साल बाद कार्यकारिणी बदलना इस बात का सबूत है कि पार्टी के भीतर अविश्वास का स्टॉक भरपूर है।”
बीजेपी समर्थक इस टीम को ‘मिशन 2028’ का ब्रह्मास्त्र बता रहे हैं, जबकि विरोधी कह रहे हैं—“ये तो टीम है, बस देखना है बल्लेबाज़ी चलेगी या फिर विकेट गिरेंगे।”
