रायपुर।
प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा भरने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सरकारी कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक 625 सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं, जबकि 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि इन नियुक्तियों से कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी दूर होगी और पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और अवसर की नई राह खोलने वाला है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी कहा कि शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा संस्थानों को नई मजबूती मिलेगी।
हालांकि, इस भर्ती को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मोदी गारंटी की नाकामी करार दिया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मोदी गारंटी में एक लाख नौकरियों का वादा था और दो साल में 40 हजार नियुक्तियां होनी चाहिए थीं। इसके बजाय केवल 700 पदों पर भर्ती हो रही है, जबकि 3500 प्रोफेसरों के पद अब भी खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के साथ छल कर रही है।
सरकार का कहना है कि सिर्फ उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में भी लगातार भर्ती की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में 5000 शिक्षकों समेत कई विभागों में और नियुक्तियाँ होने जा रही हैं।
फिलहाल, 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति ने बेरोजगार युवाओं में उम्मीदें जगा दी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भर्ती प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।
