रायपुर, 30 नवंबर 2025। प्रधानमंत्री ने आज राजधानी रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा, बदलते अपराध स्वरूप और आगामी दशकों के लिए पुलिसिंग के विजन पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श हुआ। देशभर से डीजीपी और आईजी स्तर के शीर्ष पुलिस अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता के मन में पुलिस की सकारात्मक छवि विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस–जन संवाद और युवाओं के बीच विश्वास निर्माण के लिए संस्थागत प्रयासों को अनिवार्य बताया। इसके साथ ही उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था, पर्यटन सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष पहल करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी और एआई (Artificial Intelligence) के व्यापक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड के साथ एकीकरण तेज़ी से बढ़ाया जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण और जांच की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए फोरेंसिक आधारित जांच को अनिवार्य करने और नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। द्वीप सुरक्षा और तटीय पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें विजन 2047 पुलिस व्यवस्था रोडमैप, आतंकवाद निरोधक रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों का पता लगाना, और फोरेंसिक सुधार जैसे विषय प्रमुख रहे।

प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं में बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने में “समग्र सरकारी दृष्टिकोण” (Whole-of-Government Approach) अत्यधिक प्रभावी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस व्यवस्था का आधुनिकीकरण और सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए, और इस दिशा में नेतृत्व को निर्णायक भूमिका निभानी होगी।
सम्मेलन के अंत में प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। इसके अलावा पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को नवस्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
