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राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन


109 यूनिट रक्तदान • 250 से अधिक लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच


सिकल सेल एवं थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी पहल


रायपुर,
श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के द्वारा गुरुद्वारा गुरु नानक नगर, श्याम नगर (तेलीबांधा) में विशाल रक्तदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया।


शिविर का संचालन बिलासा ब्लड सेंटर, छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल एवं गुरुद्वारा गुरु नानक नगर समूह साध संगत के संयुक्त सहयोग से किया गया। सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में नागरिकों का उत्साह देखते ही बना तथा बड़ी संख्या में लोग रक्तदान व स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे।


कुल 109 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, वहीं 250 से अधिक लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। संकलित रक्त विशेष रूप से सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार हेतु सुरक्षित किया गया है, जिससे हजारों जरूरतमंद बच्चों को नई जीवन आशा मिलने की संभावना बनी है।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए, जिनके माध्यम से आगे स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में विशेष रियायत उपलब्ध कराई जाएगी।


राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान मानवता, सेवा और त्याग का सर्वोच्च उदाहरण है, और यह आयोजन उन्हीं मूल्यों को समर्पित है।


रक्तदाताओं के सम्मान स्वरूप —
सिख रक्तदाताओं को 7.5 मीटर की केसरिया पगड़ी,
सामान्य रक्तदाताओं को हेलमेट,
युवतियों को हेलमेट एवं केसरिया चुनरी भेंट की गई।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे —
बिलासा ब्लड बैंक से श्रीमती सोनल रघुवंशी, छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के महासचिव श्री गगन हंसपाल, जिला अध्यक्ष श्री गुरदीप टुटेजा, श्री जस्सी खनूजा, हरविंदर सिंह, जसबीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, राजविंदर सिंह खालसा तथा गुरुद्वारा गुरु नानक नगर के अध्यक्ष श्री लवली खालसा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सेवादार।


यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, मानवता, सेवा एवं त्याग के संदेश को जीवंत करते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ। शिविर ने न केवल रक्तदान को बढ़ावा दिया बल्कि सिकल सेल और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी स्थापित किया।

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