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भारत में कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक धर्मांतरण और मतांतरण, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

रायपुर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, बांग्लादेश और धर्मांतरण पर दिया तीखा बयान


रायपुर / हनुमान कथा के लिए भिलाई पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुधवार को रायपुर एयरपोर्ट स्थित स्टेट हैंगर पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बांग्लादेश, धर्मांतरण और हिंदू एकता को लेकर कई बड़े और कड़े बयान दिए।


पंडित शास्त्री ने कहा कि वे भारत को केवल एक ही संदेश देना चाहते हैं—
“अगर भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति नहीं देखना चाहते तो यही समय है, अभी नहीं तो कभी नहीं।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज हिंदू समाज एक नहीं हुआ, तो वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ के चौराहों पर भी बांग्लादेश जैसे हालात देखने को मिलें।


कांकेर घटना पर प्रतिक्रिया
कांकेर की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि जो हुआ वह अच्छा नहीं था, लेकिन इस घटना में हिंदुओं ने जो एकता दिखाई, उसके लिए उन्होंने समस्त हिंदू समाज को साधुवाद दिया।


धर्मांतरण पर बड़ा बयान
धर्मांतरण को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा—
“भारत में कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक धर्मांतरण और मतांतरण है।”
उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण हैं—
अशिक्षा, अंधविश्वास और आर्थिक तंगी।
उन्होंने समृद्ध हिंदुओं से आह्वान किया कि वे इन तीनों कमजोरियों को दूर कर समाज को मजबूत करें।
शास्त्री ने स्पष्ट किया—
“हम पूजा-पाठ के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पूजा-पाठ के नाम पर कराए जा रहे धर्मांतरण के सख्त विरोधी हैं।”


हिंदू राष्ट्र और यात्राओं का ऐलान
पंडित शास्त्री ने कहा—
“जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन जाएगा, तब तक मैं अपनी यात्राएं करता रहूंगा। छत्तीसगढ़ की यात्रा इसका उदाहरण है।”


‘मेरा संन्यासी’ पुस्तक का ऐलान
एकांतवास और आध्यात्मिक अनुभवों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि वे अपने गुरुजी पर आधारित पुस्तक ‘मेरा संन्यासी’ लिख रहे हैं।
19 वर्षों बाद गुरु की आज्ञा मिलने के बाद यह पुस्तक लिखी जा रही है, जो 2 से 3 महीनों में प्रकाशित होगी।


उन्होंने दावा किया कि पुस्तक में एक ऐसी दिव्य चेतना का वर्णन होगा, जो स्वयं शरीर में न रहते हुए भी दूसरों के माध्यम से हनुमान जी का कार्य करवा रही है।

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