रायपुर। मैनपाट स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित शैला रिसॉर्ट में सरकारी संपत्ति की खुलेआम लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिसॉर्ट में लगे दर्जनों एयर कंडीशनरों और पंखों को जानबूझकर “खराब” बताकर कबाड़ में डाल दिया गया, जबकि अधिकांश उपकरण पूरी तरह चालू हालत में थे।
सूत्रों के अनुसार, बिना किसी वैधानिक नीलामी प्रक्रिया के इन उपकरणों को ट्रकों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है। ट्रक में लदे सामानों में लाखों रुपये मूल्य के एयर कंडीशनर, पंखे, सबमर्सिबल पंप और अन्य कीमती सरकारी सामग्री शामिल है।
इस पूरे मामले में शैला रिसॉर्ट प्रबंधन के साथ एक प्रभावशाली नेता की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह रिसॉर्ट सीधे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधीन संचालित होता है, जिसके अध्यक्ष नीलू शर्मा हैं।

अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति और बिना नीलामी के इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्ति कैसे बाहर भेजी गई? क्या यह महज लापरवाही है या सुनियोजित घोटाला?

घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। यदि आरोप सही पाए गए, तो यह मामला पर्यटन विभाग के इतिहास के सबसे बड़े कबाड़ घोटालों में से एक साबित हो सकता है।
