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चिरमिरी में विकास का महाआरंभ: 127 करोड़ की सौगात, आस्था और उपलब्धियों का संगम


चिरमिरी। कोयलांचल की धरती पर विकास का नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 127 करोड़ रुपये के बहुप्रतीक्षित विकास कार्यों की सौगात दी। मंच से हुई घोषणाओं ने साफ संकेत दिया कि अब चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में तेज़ी से आगे बढ़ने को तैयार है। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति रही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” केवल नारा नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है—जो कहा है, वह करके दिखाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 127 करोड़ रुपये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि क्षेत्र की नई तस्वीर और तकदीर की मजबूत नींव हैं।


शिक्षा और स्वास्थ्य में ऐतिहासिक छलांग
जिले को मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना और मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्वीकृति से अब इलाज के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा।


सड़क और रेल से बदलेगी रफ्तार
43 करोड़ रुपये की साजा पहाड़ सड़क परियोजना से चिरमिरी-मनेंद्रगढ़ आवागमन आसान होगा। 659 करोड़ रुपये की नागपुर-चिरमिरी रेल लाइन परियोजना क्षेत्र को सीधा रेल संपर्क देगी। अब ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही नेचुरल गैस पाइपलाइन से घर-घर सुविधा पहुंचाने की तैयारी है।


किसान, महिला और युवा केंद्र में
सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। 25 लाख से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा गया है और अंतर राशि होली से पहले खातों में भेजी जाएगी।


महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की सहायता मिल रही है। भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की मदद दी जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान और चरण पादुका वितरण से वनवासियों को सीधा लाभ मिल रहा है।


पारदर्शिता और सुरक्षा पर फोकस
ई-ऑफिस प्रणाली से मंत्रालय की फाइलों में पारदर्शिता आई है। आबकारी राजस्व 6 हजार करोड़ से बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपये पहुंचना वित्तीय प्रबंधन की मजबूती को दर्शाता है। बस्तर में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का संकल्प दोहराया गया।


नई घोषणाओं से बढ़ी उम्मीद
मुख्यमंत्री ने चिरमिरी नगर निगम के लिए अग्निशमन वाहन, बकरी संवर्धन केंद्र, आर-सेट्टी भवन, देवारांड में नई पुलिस चौकी, चौनपुर में ऑडिटोरियम, नागपुर में उप-तहसील भवन और आकर्षक शिल्प स्थापना की घोषणा की।


आस्था का शिखर: श्री जगन्नाथ मंदिर में पूजा
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। शंखनाद और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। यज्ञशाला में हवन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। संत समाज से आशीर्वाद लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संतुलन ही प्रदेश की असली शक्ति है।


आनंद बाजार में आमजन के साथ प्रसाद ग्रहण कर उन्होंने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
चिरमिरी की धरती पर यह दिन केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि भरोसे और बदलाव का प्रतीक बन गया—जहां विकास की गूंज और आस्था की आभा एक साथ नजर आई।

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