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कस्टोडियल डेथ पर सदन में तीखी बहस, सरकार–विपक्ष आमने-सामने


हत्या-लूट के आंकड़ों पर भी घमासान, नव्या मलिका प्रकरण की जानकारी जल्द देने का आश्वासन


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। कस्टोडियल डेथ, हत्या और लूट के मामलों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।


कस्टोडियल डेथ का मुद्दा गरमाया
सदन में कस्टोडियल डेथ का मामला उठने पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2011 और 2012 की तुलना में 2025 में कस्टोडियल डेथ के मामलों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि प्रश्नाधीन अवधि 13 महीनों की है और इस दौरान 67 कस्टोडियल डेथ दर्ज हुई हैं।


जेलों में बढ़ती कैदियों की संख्या पर उन्होंने स्वीकार किया कि कैदियों की संख्या जेल क्षमता से अधिक है, जिसके चलते नई बैरकों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।


भूपेश बघेल ने जताई नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि 66 लोगों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि नामों की सूची होती तो वे एक-एक मामले पर सवाल पूछ सकते थे।


उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी यह मुद्दा उठा चुकी है, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जीवन ठाकुर की मौत को उन्होंने “सरकारी हत्या” बताते हुए कहा कि मंत्री को मामले की जवाबदेही स्वयं लेनी चाहिए।


हत्या और लूट के आंकड़ों पर सरकार का दावा
सदन में राज्य में हत्या और लूट की घटनाओं में वृद्धि का मुद्दा भी उठा। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया कि हत्या के मामलों में 3% और लूट के मामलों में 10% की कमी आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के 26 महीनों की तुलना में भाजपा सरकार के कार्यकाल में लूट की घटनाओं में 14% की कमी दर्ज की गई है।


नव्या मलिका प्रकरण पर जवाब लंबित
सदन में नव्या मलिका का मामला भी उठा। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।


बजट सत्र के चौथे दिन कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। आने वाले दिनों में इस विषय पर और भी चर्चा होने की संभावना है।

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