रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब सियासी गलियारों तक पहुंचती नजर आ रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सोमवार को रायपुर स्थित राजीव भवन से जुड़े चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया। इनमें अकाउंटेंट, ऑफिस बॉय और प्यून शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार Economic Offences Wing की टीम ने सुबह करीब 11 बजे कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की, जो देर शाम तक करीब 10 घंटे से अधिक समय तक जारी रही। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस पार्टी फंड में जमा रकम और उससे जुड़े ट्रांजेक्शन पर भी है। इस सिलसिले में अकाउंटेंट से पिछले तीन वर्षों के बैंक खातों और फंड के स्रोत से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
पूछताछ के दौरान EOW की टीम ने कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि शराब घोटाले की जांच पहली बार सीधे कांग्रेस के दफ्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है। वहीं Indian National Congress से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी का आधिकारिक पक्ष जल्द सामने आ सकता है।
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है, जिससे शराब घोटाले की जांच और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
