रायपुर। प्रदेश में ग्रामीण सेवा से दूरी बनाने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। गांवों में पोस्टिंग के बाद ज्वाइन नहीं करने वाले 15 MBBS और 28 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से कुल 17 करोड़ 75 लाख रुपए की पेनाल्टी वसूली जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य संचालनालय ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग के मुताबिक MBBS और PG की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य दो साल ग्रामीण सेवा का बांड तोड़ने वाले डॉक्टरों पर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब सिर्फ बांड राशि ही नहीं, बल्कि पढ़ाई के दौरान दिए गए स्टायपेंड की रकम भी वापस वसूलेगा। विभागीय नोटिस जारी होने के बाद 54 डॉक्टरों ने जल्दबाजी में ज्वाइनिंग कर ली, लेकिन अब भी 43 डॉक्टर कार्रवाई के दायरे में हैं।
स्वास्थ्य संचालनालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को वसूली और आगे की कार्रवाई के निर्देश भेज दिए हैं। सरकार का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए यह कदम जरूरी है।
