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एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर : मुख्यमंत्री साय



उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में AI मिशन, भारतनेट, मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं को लेकर दिए अहम निर्देश


रायपुर, 1 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने का प्रभावी माध्यम है।


मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एआई मिशन, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों को एआई के लिए तैयार करना, युवाओं को आधुनिक कौशल देना, स्टार्टअप को बढ़ावा देना और तकनीक के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।


बैठक में बताया गया कि एआई मिशन के तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, रोबोटिक्स क्लब, हैकाथॉन, कॉलेजों में एआई सर्टिफिकेशन, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा लैब्स और अनुसंधान परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।


समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में लगभग 1,000 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, जबकि 577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।


सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 36 विभागों की 520 सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 94.3 प्रतिशत मामलों का सफल निराकरण किया गया है।


बैठक में नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, सुरक्षा संचालन केंद्र और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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