रायपुर, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है और जब प्रत्येक परिवार गौसेवा व संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी “मेरा परिवार गौव्रति परिवार” अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का भी विमोचन किया। साथ ही गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों और महाविद्यालयों के 1.64 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने गौ विज्ञान परीक्षा में भाग लिया, जो नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक सोच के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज को गौसेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही गौ संरक्षण को स्थायी आधार मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसके अलावा सुरभि गौधाम योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पाद ग्रामीण रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। सरकार ऐसे उत्पादों के निर्माण और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगी, ताकि गौपालन आय का सशक्त माध्यम बन सके।
मुख्यमंत्री ने बस्तर में डेयरी विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना सफल रही है और अब इसका विस्तार अन्य इच्छुक पशुपालकों, विशेषकर यादव समाज तक करने पर विचार किया जा रहा है।
समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस दौरान गौ विज्ञान परीक्षा के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 11 हजार रुपये प्रदान किए गए।
