नई दिल्ली/रायपुर, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चार केंद्रीय मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के संकल्प के अनुरूप “विकसित छत्तीसगढ़” के निर्माण के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर विजन’ का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने, बस्तर के 461 दूरस्थ एवं पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने तथा रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं तथा ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। उन्होंने जगदलपुर-रावघाट रेललाइन, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, इंद्रावती बैराज परियोजना, बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की पहल तथा बस्तर ओलंपिक में चार लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक विकास की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट और अन्य आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। उन्होंने 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन, सेवा सेतु पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-रजिस्ट्री व्यवस्था, 10.42 लाख लखपति दीदी, जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत वृद्धि तथा देश के पहले टिन और लिथियम ब्लॉक की नीलामी जैसी उपलब्धियों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।

संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इनमें से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी की जा चुकी है तथा शेष 88 स्थानों की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस की सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगी।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 461 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक ग्रिड बिजली पहुंचाने के लिए 435 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि 973 करोड़ रुपये की इस परियोजना से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई और धनराशि में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर बस्तर में 10 किलोमीटर क्लस्टर मॉडल लागू करने का आग्रह किया, ताकि दुर्गम क्षेत्रों के अधिक से अधिक गांवों तक सड़क पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से बाहर निकल रहे बस्तर के लिए सड़कें विकास और सुरक्षा की आधारशिला हैं। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान वीबी-जी राम-जी योजना के तहत छात्रावासों में शौचालय और मुक्तिधामों में शेड निर्माण को प्राथमिकता देने तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में राज्य को 700 से अधिक सड़कों की स्वीकृति मिलने पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण बनने के बाद अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति मिलेगी और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
