चाम्पा स्कूल में सभाकक्ष का लोकार्पण, मेधावी विद्यार्थियों व रोजगार प्राप्त युवाओं का सम्मान
रायपुर, 29 अगस्त। राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने के लिए जुनून और निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लगन के साथ प्रयास जरूरी है। राज्यपाल शनिवार को बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
राज्यपाल ने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक, रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल बनने की अपील की।
राज्यपाल ने मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का उपयोग सुविधाजनक है, लेकिन इसका संतुलित इस्तेमाल जरूरी है। अत्यधिक उपयोग से आत्ममंथन और रचनात्मकता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने नई शिक्षा नीति को कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता के लिए उपयोगी बताया।
समारोह में राज्यपाल ने वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों, पीएटी में चयनित विद्यार्थियों तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना के तहत रोजगार प्राप्त नौ युवाओं को सम्मानित किया। 12वीं की स्टेट टॉपर जिज्ञासु वर्मा सहित साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू और मयंक वर्मा को भी सम्मानित किया गया।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के चाम्पा आगमन को गांव के लिए ऐतिहासिक और गौरव का क्षण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से न घबराने और निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस दौरान राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में विद्यालय परिसर में अमलताश का पौधा लगाया। राजस्व मंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में ‘बिहान’ योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। दीदियों ने धान और चावल के बीजों से तैयार हस्तनिर्मित राखी राज्यपाल को बांधी, जिसकी उन्होंने सराहना की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
