सोमवार ने बढ़ाई धड़कनें, कोल लेवी केस में कोर्ट की ओर नजरें
EOW की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले में आज सोमवार का दिन खासा अहम माना जा रहा है। करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली से जुड़े इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच के बाद अंतिम अभियोजन रिपोर्ट/चार्जशीट पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। विशेष अदालत ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, आईएएस अधिकारी जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत नौ आरोपियों को 5 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
अब सियासी गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक निगाहें कोर्ट की कार्रवाई पर टिक गई हैं। सवाल यह नहीं है कि मामला पुराना कितना है, बल्कि सवाल यह है कि आज जांच की अगली तस्वीर क्या सामने आती है? अंतिम रिपोर्ट में किन नामों और किन आरोपों को किस तरह शामिल किया जाता है, इस पर सबकी नजर है।
गिरफ्तारी की अटकलें, फैसला कोर्ट की प्रक्रिया पर
पेशी के समन के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। विधायक देवेंद्र यादव समेत आरोपियों को लेकर गिरफ्तारी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन सिर्फ पेशी के समन को गिरफ्तारी का संकेत मानना सही नहीं होगा। गिरफ्तारी होगी या नहीं, यह जांच एजेंसी की कार्रवाई और अदालत के समक्ष होने वाली आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
मामले में EOW/ACB ने 2024 में FIR दर्ज की थी। न्यायिक दस्तावेजों में जांच के दौरान जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का उल्लेख है।
कोयले से निकली लेवी, अब खुलेंगे कागजों के पन्ने!
मामले की जांच में आरोप लगाया गया है कि कोयला परिवहन से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव के बाद प्रति टन अवैध वसूली का नेटवर्क चलाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार इस कथित वसूली से जुड़े पैसों के लेन-देन और उसके इस्तेमाल की भी पड़ताल की गई है।
यानी कोयले की कालिख सिर्फ खदानों तक सीमित रही या उसकी परतें सत्ता और सिस्टम तक भी पहुंचीं—इसका जवाब जांच की अंतिम रिपोर्ट में कितना स्पष्ट होता है, आज इसी पर नजर रहेगी।
अफसरों से लेकर नेताओं तक, किसका नाम कितना भारी?
मामले में पहले से ही कई नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम जांच के दायरे में रहे हैं। अब अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जांच एजेंसी ने किन लोगों के खिलाफ क्या साक्ष्य जुटाए हैं और किसके खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की मांग की गई है।
सोमवार को अदालत में होने वाली कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सिर्फ एक पेशी नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही इस हाई-प्रोफाइल जांच के अगले चरण की शुरुआत होगी।
अब सोमवार बताएगा कि कोल लेवी केस की फाइल में सिर्फ कागज पलटेंगे या आने वाले दिनों में सियासत और प्रशासन के कई पन्ने भी पलटेंगे।
