रिपोर्ट / सोनु केदार / 09575250009
00 मुख्यालय स्तर पर बनेंगें नाके
00 बंदुकों का सही इस्तेमाल हो जंगली जानवरों को बिना नुकसान पहुंचाये अचेत करे
कोरिया / सरगुजा वन वृत्त के नवपदस्थ मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार अपने तीन दिवसीय दौरे कार्यक्रम में कोरिया पहुंचे जहाँ उन्होंने वन मण्डल के वार्षिक कार्यालय का शतत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने 20 जुलाई को सोनहत, कोटाडोल, रामगढ़ के वन अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली और उन्हे वनों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
सरगुजा वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक ने बीते 19 जुलाई को चिरमिरी परीक्षेत्र के बंजारीडांड रोपणी मे बैकुण्ठपुर, खड़गवां तथा चिरमिरी परिक्षेत्र के सभी वन रक्षक, वनपाल, परिक्षेत्र सहायक, परीक्षेत्राधिकारी, उप वनमण्डलाधिकारी व वनमण्डलाधिकारी के साथ संयुक्त बैठक कर परिचर्चा कर वनों की सुरक्षा को सर्व प्राथमिकता पूर्ण मानते हुए वनों की सुरक्षा सुनिष्चित करने हेतु निर्देश दिये गये थे। सभी कर्मचारियें व अधिकारियों से शासकीय सेवा संबंधी उनके स्वयं की समस्याओं, कठिनाईयों के संबंध में पूछा गया व निराकरण शीघ्र करने हेतु वनमण्डलाधिकारी कोरिया को दिर्नेश दिया गया। अपने प्रवास के दौरान उनके द्वारा बैकुण्ठपुर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 490 मे 30.000 हे0 सागौन रोपण, निर्माणाधीन धरमपुर चिल्का सड़क निर्माण कार्य रपटा पुलिया का निरीक्षण कर आवष्यक निर्देश दिया गया। कर्मचारियों से चर्चा उपरांत चिरमिरी परीक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 569 गढ़तर सागौन रोपण क्षेत्र 30.000 हे0, जमावंत परियोजना अंतर्गत कक्ष क्रमांक 570 मे नवनिर्मित स्टाप डेम व फलदार रोपण क्षेत्र 10.000 हे0 का निरीक्षण कर चिरमिरी एसईसीएल के जीएम व अन्य अधिकारियों से समीक्षा कर जानकारी ली गई। साथ ही खड़गवां परीक्षेत्र के पोड़ीडीह रोपणी कक्ष क्रमांक 624 मे मनरेगा अर्जुन रोपण 30.000 हे0 एवं नदी तट रोपण 10.000 हे0 मिश्रित रोपण का निरीक्षण कर उनके द्वारा आवष्यक सुधार हेतु मौके पर अधिनस्थों को निर्देश दिया गया। वहीं मनरेगा मद मे लकड़ापारा, गिद्वमुड़ी सड़क किनारे वृक्षारोपण का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होने सभी प्रषासनिक अमले के साथ सामंजस्य बना कर कार्य करने की भी बात कही।
मुख्यालय स्तर पर बनेंगें नाके – मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि पहले यहाँ बिखरे हुए नाके थे जिससे कार्य सुव्यवस्थित नही हो पा रहा था लेकिन अब सेन्ट्रलाईज्ड नाके लगाये जायेंगें। उन्होने कहा कि नाके मुख्यालय स्तर पर 7-8 क्षेत्रों को मिलाकर निर्मित होंगें जिससे वनोपज जांच नियमित और स्पष्ट रूप से हो सकेगा। उन्होने कहा कि ऐसा होने पर वनों की अवैध कटाई सहित अवैध वनोपज के परिवहन पर भी लगाम लग सकेगी। मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि इस संबंध में एसईसीएल अधिकारियों से चर्चा की गई है। उन्होने यह भी कहा कि वन अमले को चुस्त-दुरूस्त किया जायेगा। साथ ही एसईसीएल क्षेत्रों की मानिटरिंग भी की जायेगी ताकि ऐसी स्थिति निर्मित न हो सके।
वन अमले मे कसावट लाने का प्रयास जारी – अपने तय सरकारी दौरा कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त ने सामान्य मगर कडे़ अंदाज मे वन विभाग को चुस्त और दुरूस्त रहने की हिदायत दे दी है। उन्होंने वनों की अवैध कटाई मसले पर विशेष जोर देते हुए वन अमले को अलर्ट रहने सहित त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये है। इसके साथ ही अन्य प्रकरणों मे हितग्राहियों को भुगतान सहित अधिकारियों को वसूली समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिये है। मुख्य वन संरक्षक का यह दौरा जिले के ढीले-ढाले पडे़ वन अमले के संबंध में काफी अहम माना जा रहा है।
बनेगी रेस्क्यू टीम – नव नियुक्त मुख्य वन संरक्षक ने वन्य प्राणियों से होने वाली हानी सहित अन्य विपरीत परिस्थतियों से निपटने के लिये रेस्क्यू टीम गठित करने की बात कही है। उन्होने कहा कि वन अमले के पास पर्याप्त मेन पावर सहित संसाधन है। इसके साथ ही उन्होने कहा कि वन्य जीवों के हमले से लोगों को बचाने तथा ऐसे मामलों मे वन्य जीवों की भी सुरक्षा के लिये डिवीजन स्तर पर रेस्क्यू टीम गठित की जायेगी। इस मसले पर उन्होने कहा कि वन अमले के पास संसाधन सहित बंदूकें भी है लेकिन संसाधनों का प्रयोग करने के लिये प्रषिक्षित अमले का अभाव है जिसकी वजह से संसाधनों का उपयोग नही किया जा पा रहा है।
बंदुकों का इस्तेमाल – वार्ता के दौरान उन्होने स्पेशल ट्रेनिंग वन अमले को देने की बात कही जिसमे बंदुकों को इस्तेमाल सहित जंगली जानवरों को बिना नुकसान पहुंचाये अचेत करने के उपकरणों के प्रयोग करने का प्रषिक्षण दिया जायेगा। उन्होने कहा कि ट्रेन्ड रेस्क्यू टीम के बदौलत जनहानि सहित जंगली जीव की भी सुरक्षा हो सकेगी। इस हेतु कार्ययोजना बनाई जा रहा है। साथ ही उन्होने चंदन वन की सुरक्षा के लिये उड़नदस्ता दल भी गठित करने के निर्देष दिये है।
वृक्षारोपण हेतु नई कार्ययोजना – मुख्य वन संरक्षक ने नये स्तर पर वृक्षारोपण किये जाने की बात कही है। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण मे सामान्यतः छोटे पौधे लगाये जाते है जिन्हे बड़ा होने मे काफी समय लगता है और ज्यादातर तो पनप नही पाते है। इस समस्या के निदान के लिये उन्होने 5 से 6 फीट तक के पौधे रोपित करने की योजना बनाये जाने की बात कही है। उन्होने बताया कि बड़े पौधों के लिये विशेष नर्सरी की भी आवष्यकता पडे़गी जिसके लिये पहल की जा रही है साथ ही उन्होने स्थानीय स्तर के पेड़ों के प्लांटेशन करने की बात कही है।
