Advertisement Carousel

रेत उगाही ऑडियो कांड पर सियासत गरमाई : विधायक सवालों में उलझीं, बीजेपी का हमला… कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बचाव


जांजगीर-चांपा/रायपुर
पामगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। ऑडियो में अवैध रेत उत्खनन और पैसों के बड़े लेन-देन की चर्चा सामने आई है। बातचीत में कलेक्टर और एसडीएम तक को रुपए पहुंचाने की बात कही जा रही है। हालांकि इंडिया न्यूज़ इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता।


प्रेसवार्ता में सफाई, पर उलझीं विधायक

वायरल ऑडियो पर उठे सवालों के बीच विधायक शेषराज हरबंश गुरुवार को जांजगीर-चांपा के एक निजी होटल में प्रेसवार्ता करने पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और यह सब उन्हें राजनीतिक व सामाजिक रूप से बदनाम करने की साजिश है। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय पत्रकार और लोग इस मामले को हवा दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि ऑडियो वायरल करने वालों के खिलाफ वे एफआईआर दर्ज कराएंगी।


लेकिन जब पत्रकारों ने सीधे सवाल किए कि यदि पैसों का लेन-देन नहीं हुआ तो सबूत क्या हैं? और ऑडियो में दर्ज आवाज उनकी जैसी क्यों सुनाई पड़ रही है?—तो विधायक ठोस जवाब देने में नाकाम रहीं। लिखित विज्ञप्ति में उन्होंने यह जरूर कहा कि कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर बेचने का गोरखधंधा कर रहे हैं और इसे रोकने के कारण उन्हें बदनाम करने यह षड्यंत्र रचा गया है। हालांकि प्रेसवार्ता के अंत तक विधायक अपनी ही दलीलों में उलझती रहीं और बिना ठोस जवाब दिए कार्यक्रम समाप्त कर दिया।


बीजेपी का पलटवार
इस मामले को लेकर रायपुर में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस और विधायक शेषराज हरबंश पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“कांग्रेस को हर बात में चोरी ही दिखाई देती है। जब उनकी विधायक सफाई दे रही थीं, कांग्रेस का एक भी नेता उनके साथ खड़ा नहीं था। उन्होंने न बीजेपी और न प्रशासन पर आरोप लगाया, बल्कि कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस पहले अपना घर संभाले।”
चंद्राकर ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान
इस विवाद पर अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा—
“विधायक से मेरी चर्चा हुई है। वायरल ऑडियो और वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। आजकल AI के दौर में किसी भी ऑडियो-वीडियो में एडिटिंग करना आसान हो गया है। जानबूझकर षड्यंत्र के तहत विधायक को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वायरल ऑडियो सिर्फ सियासी साजिश का हिस्सा है।”


रेत उगाही कांड को लेकर वायरल ऑडियो, विधायक की सफाई, बीजेपी का हमला और अब कांग्रेस का बचाव—इन सबके बीच जनता के मन में सवाल खड़ा है कि क्या निर्वाचित जनप्रतिनिधि केवल “राजनीतिक षड्यंत्र” का हवाला देकर इतने गंभीर आरोपों से बच सकते हैं? लोग अब ठोस सबूत और पारदर्शी जवाब की मांग कर रहे हैं।

error: Content is protected !!