रायपुर, 27 अक्टूबर 2025।
बलौदा बाज़ार वन मंडल के अर्जुनी परिक्षेत्र में एक गर्भवती बायसन (गौर) का बेरहमी से शिकार कर लिया गया। शिकारियों ने उसे बिजली के करंट से मार डाला और सिर व पैर काटकर भाग निकले। मृत बायसन के पेट में विकसित भ्रूण भी पाया गया।
यह घटना तब हुई जब पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने पहले ही वन विभाग को त्योहारी सीजन में शिकार की संभावना को लेकर चेतावनी दी थी। बावजूद इसके, विभाग की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना घट गई।
पूर्व चेतावनी के बाद भी नहीं उठाए कदम
सिंघवी ने बताया कि उन्होंने दिवाली से पहले ही मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक (वन्यप्राणी) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन एवं पर्यावरण विभाग) को पत्र लिखकर आगाह किया था कि त्योहारों के मौसम में फील्ड स्टाफ की निगरानी ढीली पड़ जाती है, जिससे शिकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से यह सुझाव दिया था कि जहाँ-जहाँ स्निफ़र डॉग्स तैनात हैं, उन्हें दिवाली के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य जैसे संवेदनशील इलाकों में सक्रिय पेट्रोलिंग के लिए भेजा जाए।
लेकिन उनका पत्र विभागीय प्रक्रिया में “पोस्ट ऑफिस की तरह” बस फॉरवर्ड कर दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
“अगर स्निफ़र डॉग तैनात किया जाता, तो शायद यह घटना टल सकती थी”
सिंघवी ने कहा —
“अगर मेरा सुझाव मानते हुए स्निफ़र डॉग को बारनवापारा भेजा गया होता, तो उसकी मौजूदगी ही शिकारियों को रोकने के लिए पर्याप्त होती। लापरवाही के कारण एक मासूम बायसन और उसके अजन्मे बच्चे की जान चली गई।”
पहले भी हुई थी ऐसी घटना
उन्होंने बताया कि इसी साल रायगढ़ वन मंडल में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई थी, जहाँ जंगली सूअर के शिकार के लिए बिछाए गए करंट वाले तार में फँसकर एक हाथी की मौत हो गई थी।
वन विभाग पर गंभीर आरोप
सिंघवी ने अपने पत्र में वन विभाग के वाइल्डलाइफ़ विंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि —
“विभाग अब वन्यप्राणियों की सुरक्षा करने की जगह इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर ज़्यादा ध्यान दे रहा है। जैवविविधता के संवेदनशील इलाकों में भी टूरिज़्म के नाम पर गतिविधियाँ बढ़ाई जा रही हैं, जबकि असली ज़रूरत वन्यजीव संरक्षण की है।”
उन्होंने मांग की है कि विभाग वाइल्डलाइफ़ प्रोटेक्शन और एंटी-पोचिंग उपायों को प्राथमिकता दे तथा हर वन्यजीव क्षेत्र में ट्रेंड स्निफ़र डॉग स्क्वॉड तैनात किए जाएं।
