रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शनिवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समग्र छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 20 नवंबर से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, आपत्तियों और ज्ञापनों पर गंभीरता से विचार कर अनेक जनहितैषी सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे आमजन, व्यवसायियों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्गमीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में पूर्व की तरह स्लैब आधारित मूल्यांकन लागू होगा। वहीं बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान और कार्यालय के अंतरण पर अब सुपर बिल्ट अप एरिया के बजाय बिल्ट अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और मध्यमवर्ग को अधिक किफायती दरों पर आवास उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ ही कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर दूरी के बाद स्थित संपत्तियों पर 25 प्रतिशत कम दर से गणना होगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री की लागत कम करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं —
- परिवर्तित भूमि पर सिंचित जमीन के ढाई गुना मूल्य निर्धारण की व्यवस्था समाप्त
- दो फसली भूमि पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ने का प्रावधान हटाया
- ट्यूबवेल, बोरवेल एवं कुएं के मूल्य जोड़ने की व्यवस्था समाप्त
- वाणिज्यिक फसलों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ने का नियम समाप्त
- भूमि पर वृक्षों का मूल्य जोड़कर मूल्यांकन समाप्त, जिससे पेड़ कटाई रुकेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
- बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल के अतिरिक्त शुल्क खत्म
- तालाब और मछली टैंक होने पर भूमि दर का 1.5 गुना मूल्यांकन समाप्त
- ग्रामीण कृषि भूमि में अब केवल दो दरें – मुख्य मार्ग और सिंचित। असिंचित भूमि का मूल्यांकन सिंचित दर से 20 प्रतिशत कम पर
उन्होंने कहा कि शहर से लगे गांवों में कृषि भूमि पर अब पूरी तरह हेक्टेयर दर के आधार पर ही मूल्यांकन होगा, जिससे भूमिस्वामियों और खरीदारों दोनों को राहत मिलेगी।
ओपी चौधरी ने कहा कि जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया गया है कि दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के ये संपूर्ण निर्णय 8 दिसंबर से प्रभावशील हो गए हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, शताब्दी पांडेय, किरण बघेल और उज्ज्वल दीपक मौजूद रहे।
