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वेदांता स्किल स्कूल बना छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला मंच

वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में युवा स्वावलंबन का सशक्त माध्यम


कोरबा। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2011 में बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए इस संस्थान ने अब तक 15 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थायी और सम्मानजनक रोजगार दिलाने में मदद की है।


कोरबा, कबीरधाम और सरगुजा में संचालित वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 1200 से अधिक युवाओं ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इनमें से 83 प्रतिशत प्रशिक्षुओं को देश के 12 राज्यों की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर मिले। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की रही जिन्हें पहली बार औद्योगिक वातावरण में काम करने का मौका मिला।


संस्थान में ‘फिटर इलेक्ट्रिकल असेंबली’, फूड एंड बेवरेज सर्विस सहित कई उद्योग आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम एनएसडीसी से प्रमाणित हैं और इन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। संस्थान आवासीय सुविधा के साथ संचालित होता है, जहां प्रशिक्षुओं को आर्थिक संसाधनों की चिंता किए बिना आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और अनुशासन का माहौल उपलब्ध कराया जाता है।


वेदांता स्किल स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार पाने वाली अविलाचना महंत ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने यहां प्रशिक्षण लिया और बाद में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में ऑपरेटर के रूप में नौकरी प्राप्त की। वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह लगभग 18 हजार रुपए वेतन के साथ सामाजिक सुरक्षा के लाभ भी मिल रहे हैं।
इसी तरह निशा महंत ने फूड एंड बेवरेज सर्विस का प्रशिक्षण लेकर रोजगार हासिल किया।

पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच प्रशिक्षण और रोजगार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। वर्तमान में वह अपने परिवार की आर्थिक सहायता करने के साथ छोटी बहन की पढ़ाई भी करवा रही हैं।


वेदांता स्किल स्कूल के मेंटर रघुराज सिंह ने कहा कि युवाओं को मार्गदर्शन देना उनके लिए संतोषजनक अनुभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं का सीखने और आगे बढ़ने का उत्साह प्रेरणादायक है।


संस्थान के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल 61 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 59 प्रतिशत युवा वंचित समुदायों से आते हैं। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ने में संस्थान मदद करता है।


कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए वेदांता स्किल स्कूल को ‘आईसीसी सोशल इम्पैक्ट अवार्ड 2026’ सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना भी है।

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