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केंद्रीय भाजपा संगठन और सरकार के बदलाव के बाद साय मंत्रिमंडल में होंगे बड़े फेरबदल ?

कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को मिल सकती है राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी, नए चेहरों को मौका मिलने के संकेत

रायपुर।
केंद्रीय भाजपा में संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की तैयारियां के साथ ही छत्तीसगढ़ भी बदलाव के लिए तैयार हैं।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में लगातार मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन और आगामी राजनीतिक रणनीति के मद्देनजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

आपको बता दें कि राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के उद्देश्य से कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

जानकर सूत्रों के मुताबिक, दुर्ग संभाग से उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। नक्सलवाद, कानून-व्यवस्था और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो उनके मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद दुर्ग संभाग से नए चेहरे को मौका मिल सकता है। इसी तरह सरगुजा संभाग से महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बिलासपुर संभाग से उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा रायपुर संभाग से राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के स्थान पर नए विधायकों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलें हैं। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक न तो सरकार और न ही भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। इन नेताओं को मिल सकता है मौका राजनीतिक सूत्रों की मानें तो संभावित नए चेहरों में दुर्ग संभाग से भावना बोहरा, सरगुजा संभाग से गोमती साय, रायपुर संभाग से वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और राजेश मूणत, बिलासपुर संभाग से सुशांत शुक्ला तथा बस्तर संभाग से भाजपा की वरिष्ठ आदिवासी नेता लता उसेंडी के साथ किरण सिंगदेव के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।

पार्टी इन चेहरों के माध्यम से अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों का संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर सकती है। संगठन और सरकार के बीच संतुलन की कवायद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और भविष्य के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन दोनों स्तर पर नई रणनीति बना रही है। ऐसे में कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर सरकार में नए चेहरों को अवसर दिया जा सकता है। इससे एक ओर कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। अभी आधिकारिक मुहर का इंतजार फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चल रही सभी चर्चाएं राजनीतिक सूत्रों और अंदरखाने की अटकलों पर आधारित हैं।

केंद्रीय भाजपा में संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की घोषणा होते ही छत्तीसगढ़ में भी बदलाव होंगे। हालांकि भाजपा या राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। लेकिन राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी की निगाहें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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