युवा नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, प्रधानमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की चर्चा तेज
नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी में संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम को अंतिम रूप दे चुके हैं और माना जा रहा है कि आज या कल इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है। संगठन में युवाओं और नए चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारी दिए जाने के संकेत हैं, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं की भूमिका में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी व्यापक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से कई मंत्रियों को संगठन में और संगठन के कुछ नेताओं को सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
संगठन में युवा चेहरों पर दांव
भाजपा नेतृत्व इस बार संगठन में नई ऊर्जा और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। कई राज्यों के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। प्रदेश संगठन में भी बदलाव की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
मंत्रिमंडल में हो सकता है बड़ा फेरबदल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में बदलाव संभव है। कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ नए सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है। प्रदर्शन और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया जा सकता है।
कई राज्यों पर रहेगा फोकस
भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 की राजनीतिक तैयारियों को देखते हुए संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों को ध्यान में रखते हुए नए समीकरण तैयार किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ पर भी निगाह
नई टीम के गठन के साथ छत्तीसगढ़ भाजपा में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। संगठन में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और कुछ नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा।
फिलहाल भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम और केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों की नजरें दिल्ली पर टिकी हैं। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार घोषणा होती है तो आने वाले दिनों में भाजपा संगठन और केंद्र सरकार दोनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
