डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल विवाह रोकने के दिए निर्देश, शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर दिया जोर
रायपुर, 10 जुलाई। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने तिल्दा-नेवरा के सिनोधा स्थित सपेरा बस्ती में बाल चौपाल 2.0 का आयोजन किया।
इस दौरान सामने आया कि घुमंतू जीवनशैली के कारण कई बच्चे जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, टीकाकरण और अन्य जरूरी दस्तावेजों से वंचित हैं, जिससे उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बाल चौपाल में बच्चों ने कंप्यूटर शिक्षा की मांग उठाई और बाल श्रम, बाल विवाह तथा गुड टच-बैड टच जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। सपेरा समुदाय में बाल विवाह की परंपरा की जानकारी मिलने पर डॉ. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को रोकथाम और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी खेल रहा, जिसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार, बाल संरक्षण और उनके अधिकारों की जानकारी रोचक तरीके से दी गई। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल चौपाल 2.0 के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता और जमीनी समस्याओं के समाधान का अभियान लगातार जारी रहेगा।
