जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और नए बस्तर की तस्वीर से कराएगा रूबरू, नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता पर जताएगा आभार
रायपुर। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और बदलते बस्तर की नई पहचान को राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने के उद्देश्य से 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात कर बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराएगा।
प्रतिनिधिमंडल में परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के जनजातीय कलाकार, समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्त लोग शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेगा कि बस्तर अब हिंसा और भय की पहचान से आगे बढ़कर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता, शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और विकास की नई संभावनाओं से भी अवगत कराएगा। साथ ही यह संदेश देगा कि आज का बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति के साथ-साथ लोकतांत्रिक भागीदारी, आत्मविश्वास और नए अवसरों की भी पहचान बन चुका है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दल केवल बस्तर नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। साथ ही यह यात्रा देश को बताएगी कि नया बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नई उम्मीदों का बस्तर है।
