राजनांदगांव। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने परीक्षा में होने वाली धांधली और पेपर लीक के मामलों पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए सख्त कानून का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। इससे देशभर में परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की भर्ती प्रक्रिया दूषित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले गरीब और प्रतिभाशाली युवाओं के साथ अन्याय हुआ तथा प्रभाव और पैसों के दम पर एक विशेष वर्ग के लोगों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के कई सदस्यों को नौकरी मिलने जैसे मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह कठोर कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। अब पेपर लीक, नकल या किसी भी प्रकार की परीक्षा संबंधी धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
