कोरिया / महात्मा गांधी नरेगा के तहत अब मजदूरों के भुगतान में विलंब करने वाले अधिकारियों के वेतन से राशी काटकर मनरेगा श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित की जाए। यह निर्देश देते हुए कलेक्टर कोरिया एस प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों को इस तरह के लापरवाह अधिकारियों के प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होने कहा कि शासन के निर्धारित नियमों के तहत आप सभी जिम्मेदार अधिकारी मजदूरों के हित को ध्यान में रखकर प्रत्येक कार्य की समाप्ति के बाद 15 दिवस के भीतर श्रमिक के खाते में भुगतान कराना सुनिष्चित करें। पंरतु कई बार के निर्देश के बावजूद कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नही निभा रहे। उन्होने महात्मा गांधी नरेगा के तहत लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द एमआइएस संबंधी कार्य पूर्ण कर एफटीओ बनाने के निर्देश भी दिए। गत दिवस जिला पंचायत के मंथन कक्ष में महात्मा गांधी नरेगा के जिला कार्यक्रम समन्वयक और कलेक्टर कोरिया ने सभी निर्माण विभाग प्रमुखो की बैठक ली। उन्होने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री संतन जांगड़े की उपस्थिति में महात्मा गांधी नरेगा और स्वच्छ भारत मिषन ग्रामीण के कार्यो की समीक्षा की। कलेक्टर प्रकाश ने कहा कि अब महात्मा गांधी नरेगा के पंजीकृत श्रमिकों का समय पर भुगतान कराने में विफल रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों से मजदूरी की राशी का दशमलव शून्य पांच प्रतिशत भाग वेतन से काटा जाएगा और यह राशी मजदूरी भुगतान से पीड़ित हो रहे श्रमिकों के खाते में जाएगी।
कलेक्टर एस प्रकाश ने कहा कि यह नियम प्रत्येक जनपद पचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी और महात्मा गांधी नरेगा के तहत कार्यरत सभी निर्माण विभाग प्रमुखों पर लागू होगा। उन्होने सभी को निर्देषित करते हुए कहा कि आप सभी योजनांतर्गत प्रत्येक कार्य में पूर्णता के बाद मजदूरी भुगतान में समय-सीमा का विशेष ध्यान रखे।
समीक्षा के दौरान सभी जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त, सभी मुख्यनगर पालिका अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत और संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
लापरवाह अधिकारी अपने वेतन से देंगे मनरेगा श्रमिको को क्षतिपूर्ति – कलेक्टर कोरिया
