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खुलासा : छग खादी बोर्ड के नाम से फर्जी पत्र भेजकर वर्षो से कर रहा था सप्लाई, अब हुआ मामला दर्ज

0 फर्जी फर्म बनाकर प्रशासन को लगाया लाखों का चूना
0 जिले के सभी विभागों में वस्त्र व अन्य सामग्री का ले लिया आर्डर 
0 दोषी व्यापारी के खिलाफ पुलिस ने किया मामला दर्ज

कोरिया / बैकुण्ठपुर / कोरिया जिले में छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड रायपुर के फर्जी पत्र क्रमांक 4215-शाविप्र-2009-10 के द्वारा कलेक्टर कोरिया को पत्र लिखकर एक शख्स ने जिले के सभी विभागों में वस्त्र व अन्य सामग्री सप्लाई करने का आर्डर ले लिया व लाखों की सप्लाई कर कोरिया प्रशासन को चूना लगा दिया।

हैरानी की बात यह है कि उसी पत्र के सहारे 2009 से 2016 तक लाखों के बिलों का भुगतान कलेक्टर कार्यालय व अन्य विभागों से कर दिया गया। मगर कलेक्टर सहित किसी भी अन्य विभागीय अधिकारी उनके नाक के नीचे हो रहे फर्जीवाड़ा की भनक तक नहीं लगी। इस पूरे मामले का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता कोरिया चिरीमिरी निवासी राजकुमार मिश्रा ने किया। उनके आवेदन पर ही चरचा पुलिस ने मामले की जांच की व दोषी व्यापारी संजय अग्रवाल के खिलाफ भादवि की धारा 170, 419, 420, 468 व 471 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
कैसे हुई शुरूआत : 11 सितंबर 2009 का एक पत्र छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड रायपुर का जिले के कलेक्टर के नाम आता है। जिसमें संस्था के कथित प्रबंधक के हस्ताक्षर से उल्लेखित है कि छग शासन के भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 8 के अनुसार छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को छग शासन ने शासकीय वस्त्र प्रदाय हेतु नोडल एजेंसी नियुक्त किया है तथा कपड़े एवं अन्य सामग्री शासन द्वारा नोडल एजेंसी से ही क्रय किए जाने के निर्देश है व जिले के विभिन्न विभागों में लगने वाले वस्त्र व अन्य सामग्री का क्रय आदेश छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड रायपुर को देने का सभी विभागों को निर्देश जारी करने का कष्ट करें। उक्त पत्र के बाद कलेक्टर कार्यालय, शिक्षा विभाग व अन्य विभागों में लाखों का माल सप्लाई कर भुगतान प्राप्त किया गया। जबकि बोर्ड के पत्र में किसी भंडार प्रबंधक के हस्ताक्षर नहीं हो सकता है।
लाखों का हुआ भुगतान : 27 फरवरी २०11 के कलेक्टर कोरिया के नाम काटे गए बिल में सफेद कपड़ा, साड़ी व ऊनी कोट का भुगतान उक्त फर्म को 57,449 रूपए, 14 नवम्बर 09 के बिल में 29,722, 21 मार्च 12 को 30,292, 28 फरवरी 13 को 39,880,  4 फरवरी 14 को 78,863, 12 फरवरी 15 को 43,970, 12 मार्च 16 को 16,992 व 20 फरवरी 16 को 92,718 रूपए का माल सप्लाई कर भुगतान प्राप्त किया। इसी प्रकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत् जिला मिशन समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन बैकुण्ठपुर जिला कोरिया का पत्र क्रमांक 1012/2016 दिनांक 08 जनवरी 16 के परिपेक्ष्य में जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के निर्देश पर प्रबंधक छग तथा ग्रामोद्योग भंडार रायपुर के नाम से एकाउंट पेयी चेक के माध्यम से स्कूलों द्वारा कुल कई लाख का भुगतान किया गया है।
टिन नंबर से हुआ खुलासा : दिए गए बिल में छग गवर्नमेंट एप्रुव्ड रजिस्ट्रेशन टिन नं. 22384800303 का उल्लेख किया गया है। व पता तेलघानी नाका चौक, रायपुर का दिया गया है। जिसके बाद पड़ताल में उक्त टिन नंबर कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के वार्ड क्रमांक 08 के निवासी के नाम पर निकला। उसके बाद चरचा पुलिस ने मामला दर्ज किया।
नहीं जारी हुआ है ऐसा कोई पत्र : आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार के पत्र के जवाब में छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के उपसंचालक ने बताया कि जावक रजिस्टर में पत्र कमा्रंक 4215/2009-10 दिनांक 11 सितम्बर 2009 को कोरिया जिले के लिए कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। जिसके बाद कलेक्टर कोरिया को मिले पत्र के फर्जी होने की पुष्टि होती है।
बोर्ड के अनुसार नहीं की कोई सप्लाई : छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड रायपुर के उपक्रम छग खादी ग्रामोद्योग एवं चर्मशिल्प भंडार के सहायक संचालक ने उपसंचालक छग खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को पत्र क्रमांक 2016-17/935 व 24 अगस्त 2016 को लिखकर बताया कि उनकी फर्म द्वारा वित्तीय वर्ष 2009 से लेकर अब तक कोई भी सामाग्री कलेक्टर कोरिया को प्रदाय नहीं की गई है व छग खादी तथा ग्रामोद्योग भंडार तेलघानी नाका चौक में स्थापित नहीं है। जबकि छग खादी ग्रामोद्योग एवं चर्मशिल्प भंडार रायपुर के शास्त्री बाजार में स्थित है। और न ही उक्त भंडार द्वारा 2009 में किसी प्रकार का कोई पत्र कलेक्टर कोरिया को नहीं लिखा गया है। इस प्रकार बिल के पते में फर्जी पता होने से पूरी सप्लाई व भुगतान ही फर्जीवाड़ा में नजर आ रहे है।

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