कोरिया / सरकारी आयोजन में फूहड़ गानों और अमर्यादित डायलॉग्स की बौछार इस कदर हुई की मानो किसी सी ग्रेड मुवी के डायलॉग्स और सिन चल रहे हैं। दर असल पूरा मामला कोरिया जिले का है जहाँ जैविक खेती मिशन योजनांतर्गत कृषि मेले का आयोजन कृषि विभाग के द्वारा किया गया था। उक्त आयोजन में जैविक खेती के तरीके और फायदे से किसानी को अवगत कराना था। तय कार्यक्रम के तहत रविवार को इसका आगाज दोपहर 12 बजे प्रदेश के श्रम मंत्री भैया लाल राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में हुवा था। लेकिन जैसे – जैसे शाम ढलती गई मेले का रंग ढंग फूहड़ होता चला गया।
प्राइवेट कार्यक्रमो में फूहड़ता अब आम बात हो चली है लेकिन सरकारी कार्यक्रमो में इसे भर – भर कर परोसा जायेगा ऐसा पहली बार हुवा है। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी से लेकर भोजपुरी डबल मीनिंग वाले गाने जम कर परोसे गए। आलम यह रहा की कई किसान टीम पुरे परिवार के साथ कार्यक्रम में आये थे लेकिन जैसे ही फूहड़ता और अश्लील डायलॉग्स का दौर शुरू हुवा वैसे ही अपने परिवार के साथ आये किसान वापस लौट गए। बहरहाल आयोजन से पहले जब सरकारी अमला कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर लेता है तो फिर उस तरह के आयोजन के लिए भी क्या पहले से तैयारी थी। सवाल कुछ गहरे हैं और सरकारी तंत्र पर यह सवाल भी की कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन किये गए। इतना ही नहीं काफी हद तक काफी अश्लील भाव भंगिमा वाले नृत्य भी देर रात तक चले। यह सब फूहड़ता सरकारी रुपयों से कई घंटों तक बदस्तूर चलता रहा लेकिन किसानी को जैविक खेती के बारे में इस नाच गाने और डायलॉग्स से कितनी जानकारी मिली यह तो कृषि विभाग ही जाने ।
बहरहाल जैविक खेती की जानकारी के लिए ऐसे कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य समझ से परे ही रहा।
