नागरिक एकता मंच ने कलेक्टर को सुनाई समस्यां और सौपा ज्ञापन, मांग नही हुई पूरी तो आंदोलन की चेतावनी

कोरिया / नवगठित नागरिक एकता मंच बैकुण्ठपुर द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर 13 सूत्रिय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर कोरिया को सौपा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है।

IMG-20170816-WA0007जिलामुख्यालय होने के कारण यहां स्थित जिला अस्पताल में दूर दूर से मरीज आते है बल्कि सुरजपुर जिले से भी काफी संख्या में मरीज आते है ऐेसे कई चिकित्सकों की कमी और हाल में कई चिकित्सकों को यहां से स्थानांतरित किए जाने से लोगों में काफी रोष व्याप्त है, यदि समय रहते उनकी मांगो को नहीं माना गया तो मंच आंदोलन की राह तलाशेगा।

जिला अस्पतात की स्वास्थ्य सुविधाएं नागरिक एकता मंच के ज्ञापन मे जिला अस्पताल में बीते 3 माह से शिशु रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं होने से बच्चों की मौत हो चुकी है, 15 अगस्त को एक शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति राज्य सरकार ने की है, परन्तु उन्हें जल्द से जल्द रिलीव कर यहां पदस्थ किया जाए, क्योकि इन दिनों क्षेत्र में मौसमी बीमारी का प्रकोप फैला है, यहां स्थित एनएससीयू में स्टाफ व डाक्टरों का सेटअप के हिसाब से पदों को भरा जाए। नियमानुसार 24 घंटे यहां एक चिकित्सक की नियुक्ति होना चाहिए, परन्तु स्थापना के बाद आज तक सेटअप के आधार में नियुक्तियां नहीं हो पाई है। वर्ष बीते 11 वर्षे से निश्चेतना विशेषज्ञ नियुक्ति नहीं है, जिसके कारण यहां ज्यादातर आपरेशन नहीं हो पाते है, गरीबों को आपरेशन के लिए निजी अस्पताल ले जाना पडता है, इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट की पदस्थापना नही की गई है। यहां पदस्थ चिरायू के नोडल अधिकारी डॉ सुरेन्द्र पैकरा का स्थानांतरण सुरजपुर के प्रेमनगर में कर दिया गया है, उनका तबदला रोका जाए। यहां  जल्द ही ट्रामा सेंटर खोला जाए। कोरिया जिले में दुर्घटनों से मौत को आंकडा लगातार बढता जा रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मामले दुर्घटनाओं के रोज आते है। यहां पूर्व में डीएमएफ के तहत सीटी स्कैन मशीन लगाए जाने की बात कही गयी थी, परन्तु आज दिनांक तक सीटी स्कैन मशीन नही लग पाई है। यहां लगी सीबीसी मशील महिनों से बंद पडी हुई है। जिला अस्पताल में बीते 5 वर्षो से लेड आकर धूल खा रहा हेै, एक्से में रेडिएशन को लेकर इसके कमरों में लेड लगाया जाना बेहद जरूरी है। जिसके कारण मरीजों के साथ उनके साथ आए परिजनों को भी रेडिऐशन का खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल को शुरू हुए 12 साल पूरे हो चुके है, यहां के सेटअप के अनुसार नर्सिग स्टाफ और डाक्टरों की बेहद कमी बनी हुई है। इसे जल्द भरा जाए। वार्डो के साथ प्राईवेट वार्ड बढाए जाने की बेहद जरूरत है, वर्तमान में 100 बिस्तरीय अस्पताल है इसके कम सम कम 250 बिस्तरीय किए जाना जरूरी है, इन दिनों अस्पताल में बरामदे में बेड लगाकर मरीजो को रखा गया है। जिससे अन्य लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा है। इसके अतिरिक्त शिशु वार्ड, आईसीयू वार्ड के साथ सर्वसुविधायुक्त एंबूलेंस के साथ 24 घंटे दवा काउंटर, लेब और एक्सरे की सुविधा की नितांत आवश्यकता है रात में लोगो को यहां वहां भटकना पडता है।

error: Content is protected !!