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शिक्षाकर्मी बेटों ने माँ को सताया तो पुलिस ने सिखाया सबक

कोरिया / शायद किसी ने सही ही कहा है कि एक मां-बाप चार बच्चों को पाल देती हैं लेकिन चार बच्चे मिलकर एक मां-बाप की सेवा नहीं कर पाते और जब बच्चें बड़े हो जाते है अपने पैरों पर खड़े होते है तो आए दिन उनके साथ बदसलूकी व बत्तमीजी कर परेशान करना रूटीन बन जाता है। जिस माँ ने जन्म दिया, पाला पोसा उसके साथ ऐसा दुर्व्यवहार कहाँ तक सही है ?

ऐसा ही एक ताजा मामला कोरिया के जनकपुर थाने का सामने आया है जहाँ एक विधवा माँ के तीन-तीन बेटे थे पर बेटे होने का दायित्व निभाने वाला इन तीनों में कोई नहीं था और पिछले 08 वर्षो से उनका भरण पोषण नही कर रहे थे। घर में मारने पीटने घर से भगा देने की धमकी दे रहे थे। जिस पर माँ थक हार के मामले की शिकायत स्थानीय थाना जनकपुर में की। पुलिस ने भी लड़कों को समझाया पर लड़कों की आदत में सुधार पुलिस समझाईस से भी नही हुआ।

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आपको बता दे कि यह मामला जनकपुर के ग्राम तिलौली गाँव के सत्तर वर्षीया संपतिया की है, जो अपने तीन बेटों के बुरे व्यवहार से काफी परेशान थी। पति रामपरित के गुज़र जाने के बाद तो हालत बेहद खराब हो गई थी। घर के तीन बेटे पुरुषोत्तम, रामफल और रामसूरत। तीनो बेटे शिक्षाकर्मी, लेकिन देखरेख करने में तीनों निकम्मे निकले। पुलिस समझाईस से बात नही बनी तो मामले में माँ संपतिया की ओर से रिपोर्ट दर्ज हुई और उसमें धारा लगाई गई..506, 336, 34 और माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण कल्याण अधिनियम की धारा 24 के तहत पंजीबद्ध कर तीनों आरोपी लड़कों के विरुद्ध कार्यवाही की है।

पुलिस ने बताया कि कोरिया जिला में यह इस तरह का पहला मामला है।

शिक्षाकर्मी थे तीनों आरोपी – अब भला बताईए समाज का वो शिक्षित वर्ग जिन्हें गुरु का दर्जा प्राप्त है। माँ बाप के बाद हम औऱ आप सबसे उच्चा महत्व देते है वो है गुरुओं को। जब समाज को शिक्षित करने वाले गुरुजन ही ऐसा करेंगे तो बाकी का क्या?

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