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मृदुल कृष्ण शास्त्री द्वारा श्रीमद् भागवत कथा भक्ति ज्ञानयज्ञ प्रारम्भ, 15 दिसंबर तक भक्ति में लीन रहेंगे चिरिमिरिवासी, कलश शोभा यात्रा निकली आज, देखें विडियों…

कोरिया / लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम गोदरीपारा चिरिमिरी में आज सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ हुआ। आज से लगातार से 15 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत आज कलश यात्रा निकाल कर की गई। जिसमें महिलाओं, पुरुषों सहित बच्चों की हजारों भीड़ ने पुरा माहौल भक्तिमय बना डाला।

आपको बता दे कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन स्थानीय पटेल परिवार के अप्रवासी भारतीय चन्द्रकान्त एन पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा दीपक एम पटेल व चिरिमिरीवासियों के द्वारा कराया जा रहा है। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि आज हनुमान मंदिर एकता नगर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों महिलाए व बच्चे कलश यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा हनुमान मंदिर एकता नगर गोदरीपारा से प्रारम्भ होकर चीफ हाउस होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। गणेश पूजन एवं कलश स्थापना के बाद श्रीमद् भागवत के आयोजन का शुभारम्भ आचार्य मृदुल कृष्ण महाराज के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा प्रारम्भ की गई।

देखें वीडियों…

इस दौरान कलश शोभा यात्रा का जगह – जगह स्वागत किया गया। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा गोदरीपारा में सिख समाज ने व मुस्लिम समाज के लोगों ने कलश शोभा यात्रा में शामिल लोगों का नास्ता व चाय पानी की व्यवस्था की।

पटेल परिवार ने जिले सहित प्रदेश के सभी भक्तजनों से श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हो कर धर्म लाभ उठाने का आह्वान भी किया है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, निगम अध्यक्ष कृति वासो, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय सिंह, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष लखन श्रीवास्तव, संतोष परमार, रामेश्वर पांडेय, परमानंद जायसवाल, राकेश परासर, अमरेश सिंह, लक्की परासर, गौरी हथगेंन, उषा वैष्णव, रानी गुप्ता, दुलारी खटीक, द्वारिका जायसवाल, संतन चौहान, मुन्नू सिंह, गणेश ठाकुर, पुरुषोत्तम सोनकर, प्रमोद सिंह, विकास रंजन सिंह, राजेन्द्र दास, राकेश सिंह, अमित अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, निशांत अग्रवाल, गोलु तिवारी, सहित हजारो की सख्या में भक्तजन मौजूद रहे।

श्री मृदुल कृष्ण शास्त्री परिचय …

श्री मृदुल कृष्ण शास्त्री जी के चाहने वाले केवल भारत में ही नहीं अन्य देशों में भी हैं इसका कारण यह है कि जब लोग उनकी दिव्य वाणी का श्रवण करते हैं तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे सम्पूर्ण वातावरण राधा-कृष्णमय हो गया है और भक्तजन उस परमपिता की उपस्थिति का अनुभव प्राप्त करते हैं। उनके भजनों में राधा-कृष्ण प्रेम देखते ही बनता है यही कारण है कि दुनिया भर में उनकी ख्याति है।

प्रारम्भिक जीवन – पूज्य श्री मृदुलकृष्ण शास्त्री जी का जन्म आचार्य श्रीमूलबिहारी जी गोस्वामी तथा माता श्रीमती शांति गोस्वामी के यहां हुआ। प्राथमिक शिक्षा तथा भागवत का मूल पाठ और संस्कृत भाषा इन्होंने अपने पिता से ही सीखी। श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी जन्म से ही प्रतिभा सम्पन्न थे इन्होंने बचपन में ही संस्कृत बोलना, पढ़ना, लिखना तथा श्रीमद्भागवत के सैंकड़ों श्लोक एवं रामचरित मानस की सैंकड़ों चौपाइयां को सीख लिया था। जब ये 16 वर्ष के थे तब पहली बार इन्होंने हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर पहली बार श्रीमद्भागवत कथा का पाठ किया और उसके बाद प्रभु कृपा से आप धीरे-धीरे ख्याति प्राप्त करते चले गये और आज पूज्य श्री मृदुल कृष्ण शास्त्री जी 800 से अधिक भागवत कथाएं कह चुके हैं। दुनिया भर में ज्यादातर लोग इन्हें ‘ठाकुर जी’ के नाम से भी जानते हैं।

विवाह – पूज्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी का विवाह पूज्य वंदना गोस्वामी से हुआ तथा इनके पुत्र का नाम गौरव कृष्ण शास्त्री है।

श्रीभागवत मिशन ट्रस्ट – पूज्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी ‘श्री भागवत मिशन ट्रस्ट’ के सक्रिय सदस्य है ये वही संस्था है जिसके माध्यम से वृन्दावन में 100 से अधिक गायों वाली गौशाला चल रही है तथा ‘श्रीराधा स्नेह बिहारी’ आश्रम संचालित है।

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