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नगरीय निकाय के कर्मियों को भी मिलेगा सातवां वेतनमान : नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने किया ऐलान

** करीब 13 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

रायपुर / छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय कर्मचारियों को भी राज्य सरकार के अन्य कर्मियों की तरह सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल 2018 से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। राज्य के 168 नगरीय निकायों में कार्यरत लगभग 11 हजार नियमित अधिकारी-कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अमर अग्रवाल ने स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ के यहां पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित त्रिवार्षिक महासम्मेलन में यह ऐलान किया है।

सम्मेलन में रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे और सभापित प्रफूल्ल विश्वकर्मा सहित पूरे राज्य से आए नगरीय निकायों के कर्मचारी- अधिकारी उपस्थित थे। सातवें वेतनमान की घोषणा से खुश होकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल का विशाल पुष्पमाला से अभिनंदन किया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से अमर अग्रवाल ने कहा कि पिछले चौदह सालों में राज्य के नगरीय निकायों के काम-काज में काफी सुधार आया है। नागरिकों की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ कर्मचारी कल्याण से जुड़े काम भी काफी हुए हैं। पहली दफा बड़े पैमाने पर अधिकारी और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हुई। अनुकम्पा नियुक्तियों के लंबित प्रकरणों का भी बड़ी तेजी से निपटारा किया गया। सबसे महत्वपूर्ण यह कि नगरीय निकायों के सेट-अप बनाए गए। कर्मचारियों के पीएफ और सीएफ में पैसा जमा कराया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में पूर्ण 14 साल के अवधि में से 11 साल मुझे नगरीय प्रशासन का दायित्व निभाने का मौका मिला है। नगरीय निकायों के काम-काज की अच्छी समझ विकसित हुई है। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2003 में नगरीय निकायों की माली हालत इतनी खराब थी कि कर्मचारियों को महीनों तक वेतन नहीं मिल पाते थे। लेकिन आज यह स्थिति नहीं है। राज्य सरकार की ओर से निकायों को विकास के लिए काफी उदारतापूर्वक सहयोग दी जा रही है। पहले निकायों को विकास के कामों के लिए अपनी ओर से 30 प्रतिशत लगाना होता था। इसका इंतजाम भी निकाय नहीं कर पाते थे। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब विकास के कामों पर शतप्रतिशत अनुदान देती है। किसी भी निकाय में कामों की कमी नहीं है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि नगरीय निकायों को कम से कम अपने कर्मचारियों का वेतन और बिजली बिल का भुगतान तो अपने स्वयं के संसाधनों से करने चाहिए। उन्होंने कहा कि करों की वसूली और बेहतर प्रबंधन से यह काम किए जा सकते हैं। उन्होंने निकायों में वसूली पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्हांेने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ के लक्ष्य को समय से पूर्व प्राप्त करने पर सभी निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर 2019 तक निकायों को संपूर्ण तौर से ओडीएफ बनाने का लक्ष्य दिया था, लेकिन इससे दो साल पहले 2 अक्टूबर 2017 में यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया। राज्य के सभी 168 निकाय आज संपूर्ण रूप से ओडीएफ हो चुके हैं। उन्होंने घरों से कचरा उठाने और इसके निपटारा को ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताते हुए जनसहभागिता से इसे भी पूर्ण करने का भरोसा दिलाया। श्री अग्रवाल ने कहा कि हर घर में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी 10 निगम क्षेत्रों में करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से अमृत मिशन के अंतर्गत तेजी से काम हो रहे हैं। बिजली के बिलों में कमी लाने के लिए परम्परागत बल्बों को उच्च तकनीक वाले एलईडी बल्ब से बदले जा रहे हैं।

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ के इस सम्मेलन को महापौर प्रमोद दुबे और अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने भी सम्बोधित किए।

प्रमोद दुबे ने बरसों बाद अधिकारी-कर्मचारियांे की पदोन्नति, सेट-अप और अनुकम्पा नियुक्ति के लिए मंत्री अग्रवाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने निकाय के कर्मचारियों को एक सेवाभावी डॉक्टर की तरह काम करने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि बड़ी आशा लेकर निगम अथवा पालिका में लोग आते हैं। उनका काम हो अथवा ना हो, उनके साथ प्रेमपूर्वक बर्ताव किया जाना चाहिए।

अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने नगरीय निकायों के माली हालत में सुधार लाने के लिए किए गए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ के सदस्य श्री अमरनाथ दुबे ने नगरीय निकाय के हजारों कर्मचारियों को वर्ष 2007 में नियमितीकरण करने सहित अन्य कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सीबी चौहान, कोषाध्यक्ष महेन्द्र भारद्वाज, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष जयनारायण चंद्राकर, महामंत्री विष्णु चंद्राकर, भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मदास शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र दुबे, महामंत्री नरेश सिंह चौहान, जिला मंत्री वीरेन्द्र नामदेव, राज्य संगठन मंत्री श्योगेशदत्त मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नगरीय निकायों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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