रिपोर्ट / अजय लाल
00 दिवांग्यों छात्रो के लिए विशेष व्यवस्था
सूरजपुर / शिक्षा जगत में जिले का एक ऐसा विद्यालय है, जहां बच्चे बिना कापी-किताब के विद्यालय पहुॅचते है और इस विद्यालय में मध्यान्न भोजन में दो प्रकार की हरी सब्जी ही नही विद्यालय के ड्रेस तक विद्यालय से ही प्रधान पाठक उपलब्ध कराते है। यही नही प्रधान पाठक इन सब का श्रेय विद्यालय में कार्यरतः शिक्षक व अध्यन्नरत छात्र-छात्रो को देते है।

जिला मुख्यालय से महज 10 किमी के अंतर्गत जनपद पंचायत ग्राम रूनियाडीह में जिले का एक छोटा-सा शासकीय माध्यमिक विद्यालय जहां 88 छात्र-छात्राएॅ अध्यरत है। इस विद्यालय प्राधान पाठक को लेकर कुल 05 शिक्षक-शिक्षिकाएॅ पदस्थ है। प्रधान पाठक सिमांचल त्रिपाठी के मेहनत व लगन ने शासकीय माध्यमिक शाला रूनियाडीह को बस्ता मुक्त किया है। यह प्रदेश का पहला विद्यालय है जो बस्ता मुक्त विद्यालय है, इस विद्यालय में विगत वर्ष नीजि विघालय व शासकीय विद्यालय से छात्र-छात्राओं ने दाखिला लेकर विद्यालय को गौरवंतीत किया है।
शिक्षक-शिक्षिकाए विद्यार्थीयों के हित में करते है दान –
यही नही इस विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्वयं के अनुदान से विद्यालय में पढने वाले छात्र-छात्राओं को स्कुल डे्स, बैग, जुता, टाई सहित कापी उपलब्ध कराते है। प्रधान पाठक सिमांचल त्रिपाठी ने बताया कि शासन से विद्यार्थीयो को मुक्त किताब मिलता है, लेकिन विद्यार्थीयों को बाकि समान विद्यालय में पदस्थ शिक्षक व अभिभावको के सहयोग व अनुदान से उपलब्ध कराया जाता है।

विद्यालय के स्वयं के मेहनत से उगता है हरी सब्जी –
प्रधान पाठक सिमांचल त्रिपाठी ने बताया कि हरी सब्जी का पैदावार विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाएॅ व छात्र-छात्राओं के मदद से हरी सब्जी विद्यालय प्रांगण में लगाया जाता है। यही नही विद्यालय में मध्यान्न भोजन के लिए हरी सब्जी विद्यालय से ही उपलब्ध कराया जाता है व छात्र-छात्राओं को दो हरी सब्जी भोजन में दिया जाता है। यही नही हरी सब्जीयों के लिए खाद् विद्यालय में ही शिक्षक व छात्राओं के मदद स्वयं तैयार किया जाता है।
दिवांग्य छात्र-छात्राओं के लिए विशेष सुविधा –
शासकीय माध्यमिक विद्यालय रूनियाडीह में दिवांग्य छात्र-छात्राओं के बैठने व शौचालय के लिए अलग व्यवस्था है। मुकबधिर छात्र-छात्राओं के श्रवण यंत्रो की व्यवस्था प्रधान पाठक के द्वारा समय-समय पर किया जाता है।
