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शाला प्रबन्ध समिति के गठन के साथ नए सत्र के लिए प्राथमिकताएं तय

मैनपाट / मैनपाट विकासखण्ड के 142 प्राथमिक शाला, 71 पूर्व माध्यमिक शाला सहित 224 शालाओ में शाला प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित कर छात्रों को रिजल्ट का वितरण किया गया। शाला प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने आयोजित बैठक में छात्रों व शिक्षकों के वर्ष भर के मेहनत का लेखा जोखा लिया।

उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की दिनचर्या से अवगत होते हुए पढाई करने के तौर तरीकों के बारे में पूछा। और सभी छात्रों को उनके जीवन शैली का अनुकरण करने को बोला गया। साथ ही सत्र की समाप्ति के साथ ही शाला प्रबन्ध समिति भंग कर नये सदस्यों के साथ पुनः नई समिति बनाई गई। नई समिति ने आने वाले सत्र में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा कैसे मिले इसके लिए क्या क्या पहल किये जायें इस विषय पर आवश्यक चर्चा किये। प्राथमिक शाला बैगहवापारा के एसएमसी सदस्य प्राण नाथ यादव ने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए पालको के जवाबदेही तय किये जायें परिणाम बेहतर प्राप्त होंगे। साथ ही कन्या माध्यमिक शाला नर्मदापुर के शाला प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने स्कूल न आने वाले बच्चों के घर घर घूमने की बात कही। इसी तरह प्राथमिक शाला जामझरिया के शाळा प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने विद्यालय में हो रहे नित नवाचार के लिए शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही कहा कि हमारा विद्यालय आने वाले समय में प्रदेश का अनूठा विद्यालय होगा। मैनपाट विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शरद चन्द्र मेषपाल ने बताया कि मैनपाट के सभी शालाओं के परिणाम शाला प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित कर घोषित कर दिया गया है। साथ ही विद्यार्थियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए गृह कार्य भी दिए गए हैं जिससे बच्चो की पढ़ाई से जुड़ाव बने रहेगा। मैनपाट में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए हर प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगें।


विकासखण्ड श्रोत समन्वयक रमेश सिंह ने बताया कि विकासखण्ड के प्रत्येक 224 में स्कूलों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रारम्भ हो गया है। प्रत्येक शिक्षक अपनी और छात्रों की उपस्थिति कॉसमॉस के माध्यम से कर रहें हैं।शाळा प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने आनलाइन मॉनिटरिंग को अभी तक का सर्वश्रष्ठ प्रयोग बताया है। श्री सिंह ने बताया कि 2 मई से संपर्क किट की ट्रेनिंग है। इससे बच्चों में गणित और अंग्रेजी के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है और समझने और समझाने में आसानी हो रही है बच्चे खेल खेल में ही सिख जा रहे है ।

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