छतरगढ से पवन कश्यप – आज से करीब 50 साल पहले यहां इसी जगह सुपरहिट फिल्म दो बूंद पानी के एक गाने का फिल्मांकन किया गया था और इसी क्षेत्र में पानी के लिए भटकते ग्रामीण जनता को फिल्म में प्रमुखता से दिखाया गया था।
लेकिन 50 साल से ज्यादा का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी इस क्षेत्र की यह समस्या प्रमुखता से आम जनता के सामने खड़ी है। इस ओर ना तो क्षेत्र के सांसद और विधायक महोदय पूरी तरह ध्यान दे पा रहे हैं और ना ही प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान इस ओर जा रहा है यदाकदा जलदाय विभाग के कर्मचारियों तक ग्रामीण अपनी पानी की समस्या का का बखान करते हैं। लेकिन उसे भी समय पर हल नहीं किया जाता वार्ड नंबर 9 रामबास के ग्रामीण सागर राम भाट दुलाराम भारत ने बताया की पानी की समस्या पिछले 1 साल से बनी हुई है घरों में जलदाय विभाग ने पाइप लाइन बिछाकर टूटिया तो लगा दी है। लेकिन उचाई होने की वजह से पानी पूरा नहीं पहुंच पाता मोहल्ले के सक्षम लोग तो लाइन में ही बूस्टर मोटर लगाकर पानी को खींच लेते हैं। जिससे गरीब आर्थिक हालत से लाचार ग्रामीणों के घरों में पूरा पानी नहीं पहुंच पाता मोहल्ले के लिए जल होद जल स्टैंड और होती बनवाई गई थी लेकिन यह तीनों ही सूखी पड़ी है यहां से टूटी पाइप गायब हो चुके हैं मोदी में कचरा भरा पड़ा है और जल होद के पानी का कनेक्शन कट चुका है जलोद की स्थिति भी जर्जर अवस्था में है।
