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गृहमंत्री के बयान से नाराज पुलिस और पुलिस के परिजन, बलरामपुर पुलिस का सवाल राज्य के गृहमंत्री से, जब विभाग एक है तो नियम भी एक ही होना चाहिए।

वसीम बारी की कलम …
रामानुजगंज / गृह मंत्री साहब कहते हैं कि पुलिस को जो सुविधा दी जा रही है पर्याप्त है। तो हम पुलिस परिवार वाले उनसे ये जानना चाहते हैं कि 80 के दशक का भत्ता पुलिस के लिए पर्याप्त है तो फिर आप 21वीं सदी का वेतन क्यों ले रहें हैं ? आपको भी 80 के दशक का वेतन लेना चाहिए। आपको वेतन भी क्यों लेना आप तो जनता के सेवक हैं ना। पहले आप अपना वेतन छोड़, पेंशन छोड़ कर मुफ्त में समाज सेवा करके बताइए। फिर समझ आएगा कि पुलिस परिवार का जो मांग है वो जायज है या नाजायज और आपके कान में ये कौन चापलूस ये कह गया कि पुलिस परिवार वालों को भड़काया गया है ?

किसी भी IPS अधिकारी को कैसे पता रहेगा जब वो सरकारी बंगले में रहते है, सरकारी अर्दली खाना बनाने, कपड़ा धोने, बाल काटने, वाले मुफ्त में मिल जाता है, सरकारी गाड़ी फुल टैंक ड्राइवर फ्री ac चालू रहता है, कितने ऐसे अधिकारी है जो समन्स तामील करके देखे होंगे, कितने ऐसे IPS हौंगे जो आज भी अपने बाइक से चलते होंगे, कितने ऐसे है जो अपने घर से दूर रहकर सब्जी खरीदना, परिवार की देखभाल करते होंगे, कितने ऐसे होंगे जो विभाग के हर काम मे अपने वेतन का पैसा लगाते होंगे वो सिपाही ही है जो बगैर रिजेर्वेशन के पूरे देश की सीमा अपने पैसे से नाप आता है, वो सिपाही है जो लोगो के साथ 24 घंटे सुरक्षा हेतु खड़ा रहता है,वो सिपाही ही है जिसे सबसे पहले सस्पेंट, लाइन हाजिर,बर्खास्त किया जाता है, कभी किसी IPS को ऐसा करते देखा है किसीने नही न्, जब विभाग एक है तो नियम भी एक होने चाहिये हमे भी फ्री की मोटर सायकल टैंक फूल दो, हमे भी कम से कम एक अर्दली रखने दो, हमे भी ac गाड़ियों का मजा लेने दो, हमे भी परिवार के साथ चंद मिनट रहने दो।

छत्तीसगढ़ में वेतन-भत्तों, आवास, प्रमोशन, सैलरी संसाधन समेत कई मांगों को लेकर एक ओर छत्तीसगढ़ पुलिस के कर्मचारी 25 जून को शंखनाद का बिगुल फूंक चुके हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का इस प्रदर्शन को लेकर अलग ही तर्क है, रामसेवक पैकरा मानते हैं कि पुलिस वालों को जितनी सुविधाएं दी जा रही हैं, उतनी पर्याप्त हैं और जो उन्हें प्रदर्शन करने को कह रहे हैं वह रिटायर्ड अफसर और बर्खास्त पुलिस वाले हैं,  मंत्रालय में मीडिया 24 न्यूज़ से बातचीत में प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस वालों को जितनी सुविधाएं दी जा रही हैं, इतनी काफी है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि अन्य राज्यों के मुकाबले यहां प्रदेश के पुलिसकर्मियों को सरकार बेहतर से बेहतर सुविधाएं दे रही है, मीडिया 24 न्यूज़ ने सवाल किया कि जो पत्र वायरल हो रहा है, उसमें लगभग सभी समस्याएं पुलिस वालों की है, तो क्यों भला उनकी समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, उसके बाद भी कैमरे से नजर बचाते हुए गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने बार बार दोहराया कि पुलिस को दी जाने वाली सुविधाएं पर्याप्त हैं। पुलिसवालों को भविष्य में सुविधाएं देने की बात को छोड़कर उल्टे गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने यहां तक कह दिया कि पुलिस ने कई रिटायर्ड अफसर बड़ी साजिश के साथ WhatsApp में हीरो बनकर पुलिसकर्मियों को भड़का रहे हैं, साथ ही कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिनके ऊपर बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है, ऐसे में यह लोग पुलिसकर्मियों को भड़काकर के आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं। तल्ख लहजे में प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को भड़काने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और उनकी पहचान भी हो गई है और दो-तीन दिन बाद उन पर कार्यवाही भी होगी और हो सकता है कि आपको भड़काने वाले पुलिस के रिटायर्ड अफसर और बर्खास्त व्यक्ति जेल की सलाखों के पीछे भी दिखाई दें। गृहमंत्री ने बार बार दोहराया कि पुलिस वालों को दी जा रही सुविधाएं पर्याप्त है और सरकार को उनकी चिंता है, ऐसे में बेहतर करने के प्रयास में जो भी व्यक्ति पुलिसकर्मियों को भड़काएगा, उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई सरकार करेगी ।

होम मिनिस्टर की अपील- न करें अनुशासन भंग! – आगामी 25 जून को पुलिस कर्मियों के परिजनों के द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि अनुशासित पुलिसकर्मियों का ऐसा प्रदर्शन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने अपील की कि अनुशासन प्रिय पुलिसवाले ऐसे अनुशासन भंग वाला काम ना करें, वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी। 

सीएम ने अचानक बदला था शेड्यूल, ताक़ि चर्चा कर सकें! – आपको बता दें सोमवार को मुख्यमंत्री ने अपने रोज के प्रोग्राम में गृह सचिव, गृह मंत्री और डीजीपी के साथ बैठक का कार्यक्रम अचानक ऐड करवाया था, ऐसे में प्रदेश भर की पुलिस कर्मियों की निगाहें इस बैठक पर थी, इस बैठक को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि इस बैठक में पूरी तरह से चर्चा पुलिस वालों के इस प्रदर्शन को लेकर थी और सरकार ऐसे प्रदर्शन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी, कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह, गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, समेत पुलिस अधिकारी एक कमरे में बैठकर लंबी रणनीति बनाने में सफल रहे, और गृह मंत्री ने प्रदेश के पुलिसकर्मियों को कहा है कि वह 25 जून को होने वाले प्रदर्शन को स्थगित कर दें वरना उनपर अनुशासन भंग करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही गृहमंत्री पैकरा ने कहा कि जो लोग रिटायर होकर, बर्खास्त होकर पुलिसकर्मियों को भड़काने का काम कर रहे हैं, नेता बनने का काम कर रहे हैं, सरकार उन्हें नहीं छोड़ने वाली नहीं है, ऐसे में सरकार की इस आपात बैठक पर नजर लगाए पुलिसकर्मियों को सीधे-सीधे यह संदेश दे दिया गया है, कि फ़िलहाल उनकी सुविधाएं नहीं बढ़ने वाली हैं।

सोशल मीडिया पर छाया है छत्तीसगढ़ पुलिस का दर्द – बहरहाल सोशल मीडिया के जरिये लगातार अपनी मांग को लेकर आवाज मुखर करने में लगे हैं, पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले भत्ते को लेकर जब मीडियाकर्मी मिले सवाल पूछा कि भला पुलिसकर्मी ₹2 में कैसे वर्दी की साफ सफाई करेगा? ऐसे में गृह मंत्री ने आश्चर्यजनक तौर पर जवाब देते हुए यहां तक कह दिया कि यह पर्याप्त है। कुल मिलाकर गृह मंत्री ने साफ साफ ये संदेश दे दिया है कि सरकार फिलहाल पुलिस कर्मियों को तोहफा देने के मूड में नहीं है और अगर पुलिसकर्मी सरकार की मुखालफत करते हैं, तो हो सकता है और आने वाले दिनों में कार्रवाई होती नजर आये, इस बैठक में पुलिसवालों के बढ़ते दबाव को महसूस किया गया और जिसके बाद अब अनुशासन भंग की बात कहकर गृहमंत्री ने ये बातें कही हैं।

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