** सरकार का डेंगू की रोकथाम की दिशा में चिंतित एवं सक्रिय नहीं होना दुःखद : कांग्रेस
रायपुर / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि एक बार फिर से साल-दर-साल बढ़ रहे डेंगू समूचे राज्य में अपना पैर पसार रहा है। शहर हो या गांव सभी ओर इसकी धमक विगत एक पखवाड़े में नजर आ रही है। बच्चों सहित अन्य पीड़ित लोग अस्पतालों में दाखिल हो रहे हैं।
लेकिन सरकार का इस दिशा में तनिक भी चिंतित एवं सक्रिय नहीं होना दुःखद है। समय रहते उपचार करने और सतर्कता बरत कर इस रोग पर नियंत्रण की कोई कोशिश नहीं होना चिंता का विषय है। डेंगू पीड़ितों की स्थिति गंभीर और खराब होना स्वाभाविक है। जशपुर, कोरबा, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर और कोरिया जिले में इसका प्रकोप अधिक है, जिस पर तत्परता से नियंत्रण की जरूरत है। फॉगिंग एवं सतर्कता के लिए प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की बेरूखी और ढिलाई से गत वर्ष डेंगू के कहर से दर्जनों मौतें हो चुकी हैं, फिर भी सरकार द्वारा बढ़ते मच्छरों और डेंगू के रोकथाम के लिए गंभीर प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। प्रशासनिक लापरवाही के चलते राजधानी रायपुर में पीलिया के प्रकोप से गत माह मौतें हुई है, फिर भी पीलिया के पश्चात फैल रहे वायरस संक्रमण से बचने के उपाय को लेकर सावधानी नहीं बरती जा रही है और नगर में इन दिनों वायरल, सरदर्द, जोड़ों एवं मांस पेशियों में दर्द तथा बुखार से लोग पीड़ित हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग का हरकत में न आना आश्चर्यजनक है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि बरसात के मौसम में फैलने वाले रोगों में डेंगू तेजी से फैलने वाला रोग है, लेकिन चिंता का विषय है कि डेंगू के कहर से निपटने वाला सिस्टम ही सोया हुआ है। शहरों में फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। डेंगू के मच्छर पनपने वाले स्थानों में सफाई नहीं हो रही है। शहरों में तो चिकित्सकीय सुविधाएं हैं किन्तु ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में यह गंभीर रूप न ले इसके लिए सरकार द्वारा अतिरिक्त सावधानी एवं सतर्कता नहीं बरतने से रमन सरकार का जनविरोधी चरित्र उजागर हो गया है।
