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स्मार्ट कार्ड की बीमा कंपनी बनी “ओवर स्मार्ट”, स्मार्ट कार्ड मरीजों को मजधार में छोड़कर भागी

** मरवाही विधायक अमित जोगी ने सरकार को लिया आड़ों हाथ
** यूनाइटेड इंडिया इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड का अनुबंध 30 सितम्बर की जगह 14 अगस्त को ही ख़त्म
** इंश्योरंस कंपनी ने अस्पतालों से स्मार्ट कार्ड के सभी मरीजों को 14 अगस्त तक डिस्चार्ज करने को कहा

रायपुर / मरवाही विधायक अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए अनुबंधित बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड के 31 जुलाई 2018 के पत्र का हवाला देते हुए बताया है कि राज्य सरकार ने 30 सितम्बर 2018 तक इस कंपनी से स्मार्ट कार्ड के बीमे का अनुबंध किया था, लेकिन 19 जुलाई 2018 को राज्य सरकार ने इस कंपनी का अनुबंध 14 अगस्त 2018 से ही समाप्त करने का निर्णय ले लिया है।

इस फैसले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जोगी ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री स्मार्ट कार्ड की बीमा राशि 30000 से बढ़ा कर 50000 करने का दंभ भरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 लाख की आयुष्मान योजना के बड़े बड़े दावे करते हैं वहीँ दूसरी तरफ हकीकत यह है कि स्मार्ट कार्ड के बीमा कंपनी का अनुबंध 47 दिन पूर्व समाप्त कर सरकार ने मरीजों को मझधार में छोड़ दिया है। बीमा कंपनी द्वारा बाकायदा अस्पतालों को पत्र लिख कर स्मार्ट कार्ड के सभी मरीजों को 14 अगस्त तक अस्पताल से डिस्चार्ज करने कहा गया है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों को 14 अगस्त के बाद बीच इलाज की आवश्यकता है उनका क्या होगा? क्या उन्हें जबरदस्ती अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी?

अमित जोगी ने कहा कि रमन सरकार सिर्फ जुमलेबाजी में व्यस्त है। अब जनता ने मन बना लिया है कि 3 महीने बाद इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी।

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