00 मुरादें हो रही पूरी पर घोषणाए अधूरी – मंदिर समिति
विजय शर्मा की कलम – कोण्डागांव / देशभर के इस इकलौते एक दिन के खुलने वाले मंदिर में आज देशभर से हजारों की तादाद में श्रद्धालू पहुचे। यहाँ निसंतान दम्पति एक दिन पूर्व ही कोंडागांव जिले के आलोर माता लिंगेश्वरी मंदिर पहुचे थे और पूर्व संध्या से ही माता के दर्शन के लिये लाईन लगा लिए थे। आज सुबह चार बजे से ही माता लिगेंश्वरी के पट खुलते ही कतारों में लगे श्रद्धालुओं का दर्शन क्रम आरम्भ हो गया। जैसे – जैसे दिन चढता गया लोगों की संख्या में इजाफा होता चला गयां।
इस साल दिखा बिल्ली का पंजा – हर साल मंदिर के पट खुलने पर मंदिर के अंदर एक निशान पाया जाता है जिसके आधार पर शुभ अशुभ का आंकलन किया जाता हैं। इस साल मंदिर में बिल्ली के पंजे का निशान मिला है जो कि आने वाले समय के लिये मंदिर पुजारी के अनुसार अशुभ है। पुजारी ने बताया कि पंजा का रूख जिस ओर रहता है उसी दिशा में असर होता है। बिल्ली के पंजे का रूख पश्चिम दिशा की ओर मिला है। यह निशान इससे पूर्व लगभग 15 साल पहले मिला था।
दोपहर बारह बजे तक 251 पहुचे – पिछले वर्ष मांगी गयी मन्नतों के पूरा होने वाले 251 भक्त लोगों ने माता लिंगेश्वरी के प्रति अपनी आस्थ प्रकट करने व मन्नत पूरी होेने पर चढावा चढाने आये थे। मंदिर समिति के अनुसार यह क्रम सांय सात बजे तक चलेगा तब तक हजारों मन्नत पूरी होने दम्पति यहां माथा टेकेंगे।
घोषणायें है अभी तक अधूरी – लिगेश्वरी सेवा समिति अध्यक्ष अंकालू मरकाम सचिव मानसिह संरक्षक राम लाल कोर्राम, बंशीलाल दीवान, धनराज कुलदीप का कहना है कि मंत्री केदार कश्यप पिछले वर्ष माता लिंगेश्वरी दर्शन में आये थे और अपार जनसमूह के समक्ष वागवानी, सोलर लाईट, चारदिवारी घेराव, सीसी सडक पेयजल, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिये भवन आदि की लगभग 50 लाख रू की घोषणायें की थी पर आज तक कोई भी कार्य नहीं हो पाया। जिसका हमें दुख है। माता मुरादें पूरी करती है पर मंत्री की घोषणायें अधूरी है।
मंत्री ने दिये खिचडी के लिये ढाई लाख – मंत्री केदार कश्यप ने मंदिर समिति को खिचडी के लिये पिछले वर्ष व इस साल ढाई ढाई लाख रूपये दिये है। आने वाले श्रद्धालुओं के लिये भाजपा के झारी राम सलाम, हरिशंकर नेताम, तरूण साना द्वारा खीर का स्टाल लगाया गया तो कांग्रेस के रवि घोष, विजय लांगडे, राज मरकाम ने खिचडी बना कर श्रद्धालुओं को बांटते रहे। माता के मंदिर में आस्था के साथ चुनावी रंग भी दिखा।
छत्तीसगढ़ में आलोर फरसगांव स्थित एक ऐसा दरबार है जहां का दरवाजा साल में एक ही बार खुलता है – मान्यता है की एक बार कोई खरगोश का शिकार खेलते हुए इस गुफा के अन्दर चला गया था और खरगोश गायब हो गया। रात को उसे सपने में माँ लिंगेस्वारी ने कहा की ये मेरा निवास स्थान है दोबरा कोई यंहा न आये और साल में एक बार जो चाहे मेरा दर्शन कर सकता है। सूर्य ढलने से पहले पत्थर से पट बंद होने चाहिए बीएस पीढ़ी डॉ पीढ़ी चली आ रही परम्परा आज हर साल पुरे देशभर से लोग संतान की आस्था से इस मंदिर में आ रहे है और एक बड़ा धार्मिक स्थल बनता जा रहा है।
कोंडागांव लिंगेश्वरी माता के मंदिर का पट खुलते ही पांच व्यक्ति रेत पर अंकित निशान देखकर भविष्य में घटने वाली घटनाओं की जानकारी देते हैं रेत पर यदि बिल्ली के पंजे के निशान हों तो अकाल और देस में असान्ति लड़ाई घोड़े के खुर के चिह्न् हो तो उसे युद्ध या कलह का प्रतीक माना जाता है शेर के पंजे के निशान से देश में विकास प्रगति खुशहाली। पीढ़ियों से चली आ रही इस विशेष परंपरा और लोकमान्यता के कारण भाद्रपद माह में एक दिन शिवलिंग की पूजा होती है लिंगेश्वरी माता का द्वार साल में एक बार ही खुलता है संख्या में निरूसंतान दंपति यहां संतान की कामना लेकर आते हैं गुफा के अंदर चट्टान के बीचो.बीच प्राकृतिक शिवलिंग हैए जिसकी लंबाई लगभग दो या ढाई फुटण् प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि पहले इसकी ऊंचाई बहुत कम थीण् बस्तर का यह शिवलिंग गुफा गुप्त है वर्षभर में दरवाजा एक दिन ही खुलता है बाकी दिन ढका रहता है इसे शिव और शक्ति का समन्वित नाम दिया गया है
प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के बाद आने वाले बुधवार को इस प्राकृतिक देवालय को खोल दिया जाता है दर्शन और पूजा.अर्चना करते हैं इसके बाद पत्थर टिकाकर दरवाजा बंद कर दिया जाता है। कहा जाता है यहां ज्यादातर निरूसंतान दंपति संतान की कामना से आते हैं संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति नियमानुसार खीरा चढ़ाते हैं चढ़ाए हुए खीरे को नाखून से फाड़कर शिवलिंग के समक्ष ही ;कड़वा भाग सहितद्ध खाकर गुफा से बाहर निकलना होता है, यह प्राकृतिक शिवालय पूरे प्रदेश में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा के बाद मंदिर की सतह ;चट्टानद्ध पर रेत बिछाकर उसे बंद किया जाता है अगले वर्ष इस रेत पर किसी जानवर के पदचिह्न् अंकित मिलते हैं निशान देखकर भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है।

