Advertisement Carousel

पेट्रोल-डीज़ल पर वैट घटाने की मांग को लेकर बंद रहे पेट्रोल पंप

दिल्ली / दिल्ली सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की मांग को लेकर दिल्ली के पेट्रोल पंप सोमवार को बंद रहे. करीब 400 पेट्रोल पंप और सीएनजी पंपों पर काम नहीं हुआ. दिल्लीवासियों को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. मजबूरी में लोगों को दिल्ली बॉर्डर से सटे नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव का रुख करना पड़ा.

दरअसल केंद्र सरकार ने देश की जनता को महंगाई से राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर डेढ़ रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई थी, जिसके बाद तेल कंपनियों ने भी दामों में 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. जिससे केंद्र की ओर से कुल ढाई रुपये की कटौती हुई थी. केंद्र सरकार की अपील पर बीजेपी शासित राज्यों में सरकारों ने भी पेट्रोल-डीजल पर वैट ढाई रुपये तक घटा दिया लेकिन गैर बीजेपी शासित कई राज्यों ने जनता को ये फायदा नहीं पहुंचाया. इससे बीजेपी शासित राज्यों में तो पेट्रोल-डीजल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक कम हो गए, लेकिन दिल्ली समेत जिन राज्यों ने वैट नहीं घटाया, वहां पेट्रोल के दाम ढाई रुपये ही कम हुए. इससे न केवल उन राज्यों की जनता को सस्ती दरों पर पेट्रोल मिलने लगा, बल्कि दिल्ली के लोग सस्ते पेट्रोल डीजल के लिए पड़ोसी राज्यों की ओर रुख करने लगे. इससे दिल्ली के पेट्रोल पंप मालिकों के कारोबार पर असर पडा है. एसोसिएशन के अनुसार, पड़ोसी राज्यों की तरफ रुख करने से दिल्ली में डीजल और पेट्रोल की बिक्री में गिरावट आई है. इस गिरावट से पेट्रोल पंप मालिक नाराज हैं और सरकार से वैट कम करने की मांग कर रहे हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल का दाम 81.44 रुपये प्रति लीटर है, जबकि नोएडा में 79.03 रुपये है. दिल्ली में डीजल 74.92 रुपये है, जबकि नोएडा में 73.03 रुपये प्रति लीटर है.

इसी को लेकर पेट्रोल पंप मालिक नाराज हैं. बीजेपी ने भी पेट्रोल पंप मालिकों की मांग का समर्थन करते हुए दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर हमला बोला और कहा कि केजरीवाल अपनी जिद के कारण पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटा रहे हैं. पार्टी का कहना है कि केजरीवाल अपने हिस्से का काम न करके खाली दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं.

बीजेपी का कहना है कि दिल्ली में पेट्रोल डीजल पर वैट 27 प्रतिशत है और वह सीधे राज्य सरकार को जाता है. इसलिए राज्य सरकार को वैट कम करना चाहिए. पार्टी के मुताबिक दिल्ली सरकार जनता को लाभ नहीं देकर खुद लाभ ले रही है. वह जनता की मदद नहीं कर रही है, बल्कि उसे परेशान कर रही है. हालांकि दिल्ली सरकार ने वैट कम करने की मांग खारिज करते हुए केंद्र सरकार से टैक्स कम करने की मांग की है. जाहिर है केंद्र सरकार ने लोगों को राहत दी और राज्यों से भी जनता को राहत देने की अपील की लेकिन कुछ राज्यों के अडियल रुख से जनता के साथ ही पेट्रोल पंप मालिक भी परेशान हो रहे हैं.

error: Content is protected !!