कोरिया / नगर पालिक निगम चिरमिरी में दीनदयाल चौक पर नगर निगम के द्वारा अपने कुशल इंजीनियर की देखरेख रायपुर से आकर एक चहते ठेकेदार के द्वारा लगभग 44 लाख रुपए खर्च कर भव्य सुंदरीकरण का कार्य किया गया था, जो पहली बरसात में धराशाई हो गया। जिसको लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका निगम चिरमिरी में इन दिनों जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं काफी घटिया स्तर के बताए जाते हैं। सौंदर्यकरण एवं विकास कार्य के अंतर्गत 3 कार्यों के नाम पर लगभग 44 लाख रुपए बड़े पैमाने में बंदरबांट किया गया है। इस कार्य हेतु रायपुर से ठेकेदार बुलाया गया था, जो कि निगम के जनप्रतिनिधि का काफी करीबी बताया जाता है। जिन्होंने शहर में कई स्थानों पर सौंदर्यकरण का कार्य किया। म्यूजिकल फाउंडेशन में भी काफी भ्रष्टाचार हुआ है उसी ठेकेदार ने उक्त कार्य को भी संपन्न कराया है।
नाम न छापने की शर्त पर निगम में निर्माण कार्य कर रहे एक ठेकेदार ने बताया कि ठेकेदारों और सप्लायर से ठेका मिलने से पूर्व कमीशन की सौदेबाजी की जाती रही है।जिसका जीता जागता उदाहरण उन ठेकेदारों के द्वारा घटिया स्तर के निर्माण कार्यों को देखने के बाद प्रतीत होता है। नगर निकाय चिरमिरी में सौंदर्यकरण के नाम से कई स्थानों पर यूं ही कुछ नमूने बनाकर डीएमएफ राशि का बड़े पैमाने पर बंदरबांट किया गया। यदि उन कार्यों की बारीकी से जांच की जाए तो पता लगेगा कि जो स्टीमेट तैयार किए गए थे। स्टीमेट के 25% राशि से ही वह कार्य किया जा रहा है।
पिछली सरकारों ने खनिज उत्खनन के दौरान प्रभावित क्षेत्रों के उत्थान और उनके रख-रखाव को बेहतर करने के लिए खनिज न्यास मद की स्थापना की थी। जिसमें प्राप्त royalty का 30% मद प्रभावित क्षेत्र में खर्च करना था, दुर्भाग्यवश चिरमिरी को जो मिलने वाला अंश था वह जिले में अन्य जगह पर खर्च कर दिया गया। वही थोड़ा बहुत जो निगम चिरमिरी को मिला उसमें भी स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने मिलकर उक्त पैसे का बड़े पैमाने में बंदरबांट किया है।
बताया जाता है कि सौंदर्यकरण के नाम पर पूरे चिरमिरी क्षेत्र में कई करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और मनमाने तरीके से जहां पर आ जा भी नही सकता, निर्माण कार्य कराया गया है। यदि हम दीनदयाल चौक की बात करें तो पूर्व में ही उस पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं और वैसे तो प्रकृति ने उस क्षेत्र को खुद ही बेहतरीन ढंग से सजाया और संवारा है लेकिन अधिकारियों की कमीशन खोरी की मानसिकता जनता को बुनियादी सुविधा प्रदान करने के बजाएं अपना लाभ साधना दिख रहा है।
पिछले 6 माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने पूर्व सरकार के भ्रष्टाचार को देखा था और इससे निजात पाने के लिए उन्होंने नवनीत कांग्रेस पार्टी की सरकार का चयन किया। सरकार को चाहिए कि जन भावनाओं के मंसा अनुरूप भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएं और जनता को मिलने वाला वास्तविक लाभ उन्हें मिले उसकी व्यवस्था कराए।



