Advertisement Carousel

1148 करोड की योजना”अरपा भैसाझार” हुई अधिकारी ठेकेदार और राजनितिक भ्रस्टाचार की शिकार हर जगह दरार ही दरार,जिसे छुपाने विभाग का प्लान तैयार: विक्रांत तिवारी

*अधिकारियों की शह पर ठेकेदार ने किया गुणवत्ता से समझौता, पानी आने के पहले ही ढह सकती हैं कई पुलिया: जाँच दल*

• *56 किलोमीटर की मुख्य नहर की योजना चन्द किलोमीटर मे ही दरारो की चपेट मे, कही बही कही अधुरी।*

• *अधिकारियों की लिपापोती शुरु, दरारों को छुपाने 6 छोटे पेटी ठेकेदारो को दिया गुप्त ठेका।*

• *जाँच मे सामने आई मुख्य नहर की दरार छुपाने काई जगह गिट्टी डाल तो कई जगह उक्त स्थान तोड कर मिट्टी से बराबर करना विभाग द्वारा जारी।*

बिलासपुर / अरपा भैसाझार मे दरार और भ्रस्टाचार की जाँच करने जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ जे के जाँच दल ने अध्यक्ष विक्रांत तिवारी के नेतृत्व मे जाँच के दुसरे चरण मे परियोजना की नहरों की जाँच की और जिस प्रकार से अनदेशा था, परिणाम भी वैसा ही निकला।

जाँच दल ने कई गांवो का दौरा कर ग्रामीणो से बात की।जिसमे काम मे की गई कई चूक भी उजागर हुई।साथ ही जाँच दल को मिली दरारों को छुपाने का विभाग का प्लान भी सामने आया।

जाँच दल प्रभारी और जनता काँग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रांत तिवारी ने निरिक्षण उपरांत विज्ञप्ति जरी कर बताया की 606 करोड की योजना 1148 करोड की हो जाती है। और इतनी भारी भरकम परियोजना मे शुरवात के पहले ही टुट फुट जारी है इससे साफ है की 1148 करोड की “अरपा भैसझर परियोजना” हुई है ठेकेदार अधिकारी और राजनितिक भर्ष्टाचार की शिकार जिसमे हर जगह है दरार ही दरार। और अब उन दरारो को छुपाने विभाग ने छुप कर काम भी शुरु कर दिया है ।

जाँच मे कई पहलू सामने आए हैं जिसमे प्रमुख रुप से परियोजना मे रेत और मिट्टी का खेल गंभीर नजर आ रहा है । जानकारी के अनुसार बैराज का बेस भी एक बार खराब गुणवत्ता का शिकार हो चुका है। कच्मेंट एरिया सिर्फ़ गेट के आस पास ही व्यवस्थित प्रतीत होता है बाकी जगह कोई पुख्ता प्रबंध नही दिखता है। नहरों मे कई जगह लीकेज है। और मुख्यत: प्लिंथ की गहराई और बेस वर्क मे भी भ्रस्टाचार का अनदेशा है जो की बिना अधिकारियो को शह के मुमकिन नही है। कई पुलियों की स्थिती इतनी गंभीर है की पानी आने के पुर्व ही ढह सकती हैं।

विक्रांत ने बताया की हम एक दरार की जाँच मे निकले थे पर यहाँ हर ओर दरार और भ्रस्टाचार दिखाई दे रहा है। 56 किलोमीटर की मुख्य नहर जो की इस परियोजना का मूल अंग है उसमे भी बड़ी बड़ी दरारे मिलना चिंता जनक है। जिस मुख्य नहर का काम पुरा होने का विभाग द्म्ब भर रहा था उसका आलम ये है की मुख्य नहर कही अधुरी है तो कही बेह गई है। जिससे पानी बाहर आ रहा है और कही मिट्टी नहर मे जा रही है। जाँच के दुसरे दिन से ही अधिकारियों ने भ्रष्टाचार छुपाने लिपपोती शुरु क्र दी है। इन सब को देख ये प्रतीत होता है की अधिकारी और ठेकेदार को पहले की सरकार मे जो राजनितिक वर्धस्थ प्राप्त था वो इस सरकार मे भी प्राप्त हो चुका है।

उक्त कार्य का ठेका पुर्व सरकार के एक दिग्गज मंत्री के करीबी को दिया गया। राजनितिक शरण प्राप्त ठेकेदार ने अधिकारियो का काम और असान कर दिया। एक वृहद परियोजना मे आंख बन्द करके काम किया जाना प्रतीत हो रहा है। किन्तु उससे निराशाजनक बात ये है की वर्तमान सिचाई मंत्री ने निरिक्षण उपरांत इसपर कोई टिप्पणी नही की जो की ठेकेदार को इस सरकार मे भी शरण मिलने की ओर इशारा करता है।
जनता काँग्रेस ने आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबाध्ता के साथ इस जाँच को प्रारंभ किया है जिसमे अब जनता के पैसों की बर्बादी पर भी रेपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसके बाद विभाग ने दरारो और गुणवत्ता हिन कर्यो को छुपाने आनन फानन मे 6 छोटे ठेकेदारों को पेटी ठेका दे कर लीपा पोती करने का निर्णय लिया है ऐसा आस पास के गाँव के जन प्रतिनिधियो ने गुप्त जानकारी दी है।जाँच मे सामने आई मुख्य नहर की दरार छुपाने काई जगह गिट्टी डाल कर तो कई जगह उक्त स्थान तोड कर मिट्टी से बराबर करने का काम शुरु क्र दिया गया है। जो की भर्ष्टाचार को छुपाने के लिए किया जना प्रतीत होता है ।जाँच दल जल्द ही परियोजना से जुडे चन्द दस्तावेजो की मांग भी विभाग से करेगा और जनता के सामने इसका खुलासा किया जाएगा।

जाँच दल मे मुख्य रुप से विक्रांत तिवारी, बृजभान सिंह, भरत मरावी, संजय जायसवाल, सुनील वर्मा, संतराम मरावी, रितेश बाजपाई शामिल रहे।

error: Content is protected !!