Advertisement Carousel

VIDEO जन्मदिन विशेष – Happy Birthday भूपेश बघेल, सफर में काफी उतार चढ़ाव आए फिर भी चेहरे पर मुस्कान लिए सफर को जारी रखा है ऐसे है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ की 5वीं विधानसभा में राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजनीतिक सफर काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। भूपेश बघेल एक भारतीय राजनीतिज्ञ और छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत काग्रेस पार्टी से ही की। इस वक्त वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के पिता का नाम नंदकुमार बघेल है। बघेल का विवाह 3 फरवरी 1982 को मुक्तेश्वरी बघेल से हुआ। उनसे उनको एक बेटा और तीन बेटी हुईं। भूपेश बघेल ओबीसी के बड़े नेता हैं और छत्तीसगढ़ की आबादी में करीब 36 फीसदी हिस्सेदारी ओबीसी की है। बघेल अल्पसंख्यक अन्य पिछड़ा वर्ग के कुर्मी समाज से आते हैं जिसका राज्य की राजनीति में काफी अहम योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ ने नए सीएम बनने जा रहे भूपेश बघेल ने एम ए तक की पढ़ाई की है। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है।

https://youtu.be/N5K2V5ZLY3k


बघेल ने 80 के दशक में यूथ कांग्रेस के साथ राजनीति पारी की शुरुआत की। 1990 से 1994 तक वह जिला युवक कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष रहे हैं। इसके बाद पार्टी ने 1993 से 2001 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड का निदेशक बनाया। इसके बाद जब अलग राज्य छत्तीसगढ़ बना तो वो पाटन सीट से चुनाव लड़े और विधानसभा पहुंचे। इस दौरान बघेल कैबिनेट मंत्री बने। सरकार में राजस्व, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और राहत कार्य के तौर पर प्रदेश के पहले मंत्री बने।

छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट से बघेल 1993 में विधायक चुने गए। लेकिन 2008 के चुनाव में वो इस सीट से हार गए। फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पारंपरिक पाटन विधानसभा सीट से भारी जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में फिर बघेल को इसी सीट से उतारा।

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को राजनीति का पाढ़ पढ़ाने वाले भी कांग्रेस नेता ही रहे। वो पूर्व कांग्रेस नेता स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर को अपना राजनीतिक गुरू मानते हैं। राजनीति की शुरुवात के लिए वो चंदूलाल चंद्राकर के ही मार्गदर्शन पर ही चल रहे हैं।

इसके बाद 2003 के चुनाव में पार्टी चुनाव हार गई और बीजेपी की सरकार बनी। रमन सिंह मुख्यमंत्री बने और 15 साल तक राज्य में भाजपा की ही सरकार रही। इस दौरान विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस रही। साल 2004 में बघेल दुर्ग लोकसभा सीट से खड़े हुए और लेकिन चुनाव हार गए। इसके बाद साल 2009 में भी वो लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। इसके बाद पार्टी ने 2014 में बघेल को बड़ी जिम्मेदारी दी और उनके हाथ में राज्य की कमान सौंप कर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।

भूपेश बघेल का जीवन परिचय 
1990-94        जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष (दुर्ग ग्रामीण)
                     सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी
                     महामंत्र, कार्यक्रम समन्वयक प्रदेश छत्तीसगढ़
1993            प्रथम बार निर्वाचित, तदन्तर 1998, 2003, 2013 में चौथी बार विधानसभा पहुंचे
1998            राज्यमंत्री, मुख्यमंत्री से संबद्ध जनशिकायत निवारण (स्वतंत्र प्रभार ) छत्तीसगढ़ शासन
1999             मंत्री, परिवहन विभाग, मध्य प्रदेश 
2000            मंत्री, राजस्व पुनर्वास, राहत कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी छत्तीसगढ़
2013            सदस्य, कार्य मंत्रणा समिति, छत्तीसगढ़ विधानसभा
2014-15       सदस्य, लोक लेखा समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा
2018          विधायक, पाटन सीट, दुर्ग छत्तीसगढ़ 

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को साहित्य पढ़ना, योग और खेलकूद में ज्यादा रूचि है।

छत्तीसगढ़ के तीसरे सीएम भूपेश बघेल ने कई देशों की यात्राएं भी की हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, थाईलैंड, सिंगापुर और नेपाल शामिल हैं।

इस विधानसभा चुनाव के दौरान और 2017 से चर्चा में रहा सबसे बड़ा विवाद सेक्स सीडी। सेक्स सीडी कांड में बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उनपर आरोप था उन्होंने सेक्स सीडी बांटी थी। इस दौरान बघेल को सीबीआई की विशेष अदालत ने जेल भेजने का जैसे ही आदेश दिया तो उन्होंने जमानत लेने से साफ इनकार कर दिया था। सेक्स सीडी कांड मामला 27 अक्टूबर 2017 का है।

इस बार के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस को यहां 68 सीटें मिलीं। पार्टी को 28 सीटों का फायदा हुआ। उसने राज्य की 90 सीटों में से दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल की।

कृषक परिवार से ताल्तुल रखने वाले बघेल का किसानों से खास लगाव है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान वह खेतों में काम कर रहे किसानों के बीच भी जाते थे। एक बार तो किसानों से बात करते-करते वे उनके साथ धान की मिजाई भी करने लगे थे।


इन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई दुर्ग के बलोदी गांव से ही की थी। पांचवीं पास करने के बाद ही भूपेश खेती में पिता का सहयोग करने लगे थे। प्रारम्भिक पढ़ाई के बाद उच्चतर शिक्षा के लिए वे रायपुर चले आए। जहां पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। बघेल को शुरू से ही राजनीति में गहरी रूचि थी। युवावस्था में ही वे कांग्रेस से जुड़े और अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।



error: Content is protected !!