बिलासपुर / वैश्विक महामारी कोरोना से जंग जितने के लिए आस्था की नगरी लुतरा शरीफ की दरगाह में वहां के खादिमो ने 16 सौ दिया जलाया और तेजी से बढ़ते संक्रमण से निजात पाने दुआ मांगी गई।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए 24 मार्च से पूरे देश मे लॉकडाउन था इस दौरान पूर्णरूप से मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा सहित देश के सभी धार्मिक स्थल बंद थे। मगर अब शासन के आदेश पर 8 जून से सभी धार्मिक स्थलो को दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है।
कौमी एकता का मिशाल कहे जाने वाले लुतरा शरीफ स्थित प्रदेश की सबसे बड़े सूफी-संत हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह के दरगाह को आम जायरीनों के लिए खोला गया है मंगलवार की शाम दरगाह के सज्जादानशीन हाजी मान खान,खादिम हाजी शेर मोहम्मद, हाजी साबिर खान, हाजी मोहम्मद जाकिर, हाजी मोहम्मद शरीफ एवं मोहम्मद यशीन के अगुवाई में दरगाह परिषर में 11 सौ और दादी अम्मा बेगम बी के दरगाह में 500 सौ मिट्टी के दिये जलाकर रौशनी की गई और कोरोना वायरस के खात्मे के लिए दरगाह से दुआ मांगी गई।
दादी अम्मा की दरगाह में जले 500 दीप
ग्राम खम्हरिया स्थित दादी अम्मा बेगम बी की दरगाह जो हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह की अम्मी (माता जी) है उनके भी दरबार में 500 सौ मिट्टी के दीप प्रज्वलित खादिम अब्दुल वहाब खान, फिरोज खान, अशद खान, इबरार खान एवं जौहर खान द्वारा किया गया और आज से आम जायरीनों के लिए इस दरगाह आज से खोल दिया जाएगा।
ख्वाजा गरीब नवाज़ के दरबार मे 21 हजार दिया जलाया गया था
विश्वप्रसिद्ध दरगाह हजरत ख़्वाजा गरीब नवाज़ मोइनुद्दीन चिश्ती के अजमेर शरीफ दरबार मे एक सप्ताह पहले ही वहां के खादिमों द्वारा 21 हजार दीप प्रज्वलित किया गया था और पूरे विश्व से इस वैश्विक कोरोना महामारी के समाप्त होने की दुआ मांगी गई थी।
दरबार मे दिवाली के बाद पहली बार जले दीप
शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह के दरबार को गंगा जमुनी तहज़ीब का प्रतीक यू ही नही कहा जाता बता दें कि दरगाह परिषर में हर वर्ष दिवाली के अवसर पर दर्शनार्थियों द्वारा बड़ी संख्या में दीपक जलाया जाता है 64 वर्ष बाद यह पहला मौका है जब दीपावली के बाद इतनी बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किये गए।
आज है बाबा इंसान अली का महीना उर्स लॉकडाउन की वजह से दो माह से नही हुआ था उर्स
हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह का आज महीना उर्स मनाया गया दोपहर 12:40 बजे दरगाह के खादिमो द्वारा मज़ारे पाक का ग़ुस्ल दिया इसके बाद खादिम उस्मान खान शिजरा और सलाम प्रस्तुत किया और मुल्क ने अमन व शांति के लिए दुआ मांगी गई।
