रायपुर / कन्फेडरेशन ऑफ आल इंड़िया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पारदर्शी कर निर्धारण प्रणाली के लिए आज की गई घोषणा का कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्वागत करते हुए कहा की फेसलेस मूल्यांकन और फेसलेस अपील के मूल सिद्धांत को कर प्रणाली से जोड़ना देश के व्यापार के लिए सरकार का एक बड़ा कदम है।
कैट ने कहा की देश में करदाताओं को आम तौर पर नौकरशाही के निचले स्तर से परेशान और पीड़ित किया जाता है जो लोगों को कराधान प्रणाली से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है। इस दृष्टि से प्रधानमंत्री श्री मोदी की आज की घोषणा से देश का व्यापारिक समुदाय आशवस्त है की पारदर्शी प्रणाली के जरिये अब व्यापारियों को अधिकारियों के रहमो करम पर नहीं रहना पड़ेगा। कैट ने यह भी कहा की व्यापारियों को देश के लिए कर संग्रहकर्ता के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए और कर विभाग को उसी के अनुसार व्यापारियों को उचित सम्मान देना चाहिए। कैट ने यह भी कहा की वो सरकार के साथ हाथ मिलाकर काम करते हुए व्यापारियों की समस्याओं को हल कराने तथा गैर उत्तरदायी नौकरशाही से निकालने और कर दायरे को विकसित करने में सरकार की सहायता करने का इच्छुक है जिससे सरकार को अधिक राजस्व मिल सके ।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने प्रधानमंत्री मोदी की आज की घोषणाओं को देश में सुगम व्यापार के लिए एक ष्क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा की प्रधानमंत्री की आज की गई घोषणा एक लम्बे समय से व्यापार करने में आने वाले कर के रोडो को हटाने तथा देश में व्यापार करने में आसानी और बेहतर अवसर सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा की हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं व्यापार पर लागू सभी प्रकार के लाइसेंस को समाप्त कर आधार कार्ड के पैटर्न पर एक लाइसेंस की व्यवस्था करने बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधान मंत्री से केंद्रीय कर नियमों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश के रूप में एक ष्कर लोकपालष् की नियुक्ति करने और राज्य कराधान नियमों के लिए राज्यों में एक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश के रूप में कर लोकपाल नियुक्त करने का अनुरोध किया।
श्री पारवानी ने कहा कि व्यापारियों की मुख्य समस्या कि उन्हें व्यापार करने के लिए बहुत सीमित समय मिलता है जबकि अधिकांश समय वैधानिक दायित्वों का पालन करने में खपत होता है को खत्म करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा बेहद महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित सुधार कारोबारी समुदाय को इस विभिन्न वैधानिक पालना के अनावश्यक बोझ से राहत देंगे। फेसलेस सिस्टम से भ्रष्टाचार को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। हालांकि, सरकार को यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बहाने से कोई कर अधिकारी व्यापारियों को व्यक्तिगत पेशी के लिए मजबूर न करे जैसा की अब तक हो रहा है।
